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नेता को अपने काम से संतुष्ट नहीं होना चाहिए:छिबरामऊ विधायक अर्चना पांडे बोलीं- 288 करोड़ से पुल बन रहा, महिला महाविद्यालय बनवाना प्राथमिकता

कन्नौज की छिबरामऊ विधानसभा से भाजपा विधायक अर्चना पाण्डेय का मानना है कि जनप्रतिनिधि को कभी अपने काम से पूरी तरह संतुष्ट नहीं होना चाहिए। जनता के चेहरे पर संतोष देखकर ही मुझे अपने काम का सही आकलन मिलता है। उनका कहना है कि मैं खुद को दो नंबर कम ही दूंगी क्योंकि पूरे नंबर देने का अधिकार जनता को है। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में विधायक ने बेबाकी से सवालों के जवाब दिए। पढ़िए पूरा इंटरव्यू… सवाल: आप अपने कार्यों से कितनी संतुष्ट हैं? 10 में से कितने नंबर देंगी?
जवाब: संतुष्टि एक ऐसा भाव है, जो व्यक्ति को अहंकारी भी बना सकता है। काम करने वाले व्यक्ति को कभी पूरी तरह संतुष्ट नहीं होना चाहिए। मेरे लिए सबसे बड़ा पैमाना जनता की संतुष्टि है। जब मैं लोगों के चेहरे पर संतोष देखती हूं तो लगता है कि मैंने ठीक काम किया है। इसी आधार पर मैं अपने काम को 7 से 8 नंबर दूंगी। बाकी जो 2-3 नंबर कम हैं, वह इसलिए कि इंसान को खुद को कभी पूर्ण नहीं मानना चाहिए। सीखने की प्रक्रिया हमेशा जारी रहनी चाहिए। सवाल: आपके कार्यकाल में कौन से बड़े काम हुए?
जवाब: मुझे काम करते हुए करीब 9 साल हो गए हैं और मैंने हर गांव में कुछ न कुछ विकास कार्य कराने का प्रयास किया है। छिबरामऊ में पॉलिटेक्निक कॉलेज का निर्माण हुआ। रोडवेज बस स्टैंड का जीर्णोद्धार कराया गया। गुरसहायगंज में नया बस स्टैंड बन रहा है। सबसे बड़ी उपलब्धि 288 करोड़ रुपये की लागत से चियासर घाट से हरपालपुर दहलिया तक पुल की स्वीकृति है, जिससे लोगों की दूरी काफी कम हो जाएगी। इसके अलावा फतेहगढ़-गुरसहायगंज रोड का चौड़ीकरण, ओवरब्रिज की स्वीकृति, 33 केवी बिजली घर, और आवासीय विद्यालय जैसी कई परियोजनाएं प्रगति पर हैं। सवाल: कोई ऐसा काम जो आप नहीं कर पाईं?
जवाब: गुरसहायगंज में महिला महाविद्यालय बनवाना मेरी प्राथमिकता है। इसके लिए लगातार प्रयास कर रही हूं। उम्मीद है जल्द ही यह सपना पूरा होगा। अगर इस बार नहीं हो पाया तो जनता के आशीर्वाद से अगली बार इसे जरूर पूरा करूंगी। सवाल: क्या अगली बार भी आप टिकट की दावेदार होंगी?
जवाब: मैंने कभी टिकट के बारे में नहीं सोचा। मैं खुद को पार्टी का कार्यकर्ता मानती हूं। मेरे पिता स्व. रामप्रकाश त्रिपाठी कहा करते थे कि हम पार्टी के कोरे लिफाफे हैं, जिस पर जो लिखा जाएगा वही करेंगे। मैं भी उसी सिद्धांत पर काम करती हूं। सवाल: तिर्वा विधायक के सिंचाई को लेकर दिए गए बयान पर आप क्या कहेंगी?
जवाब: उनकी सोच और संकल्प अच्छे हैं, मैं कामना करती हूं कि वह सफल हों। लेकिन मेरा मानना है कि किसी को अपने काम से संतुष्ट नहीं होना चाहिए, क्योंकि संतुष्टि से ठहराव आता है। काम की कोई सीमा नहीं होती, जितना काम करेंगे, उतना ही और बेहतर करने की प्रेरणा मिलेगी। सवाल: आपको “जिज्जी” के नाम से जो पहचान मिली है, उसे कैसे देखती हैं?
जवाब: यह मेरे लिए बहुत बड़ा आशीर्वाद है। क्षेत्र की जनता ने मुझे बेटी और बहन के रूप में अपनाया है। अब तो प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी लोग मुझे इसी नाम से जानते हैं। यह मेरे लिए गर्व की बात है और मैं हमेशा ईश्वर से प्रार्थना करती हूं कि मैं अपने सभी भाई-बहनों की उम्मीदों पर खरी उतर सकूं।

Source: Dainik Bhaskar via DNI News (Prayagraj)

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