राज्य में किसी भी जमीन की रजिस्ट्री से पहले रकबा समेत पूरी तस्वीर साइट पर अपलोड होगी। यानी पहले जमीन, मकान, व्यवसायिक प्रतिष्ठान व फ्लैट की अक्षांश-देशांतर के साथ वास्तविक स्थल की तस्वीर अपलोड होगी फिर उसकी रजिस्ट्री होगी। इसके लिए मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन विभाग नया सॉफ्वेयर विकसित करा रहा है। इसका सीधा फायदा आम लोगों को मिलेगा। जमीन विवाद से निजात मिलेगी। एक क्लिक पर रजिस्ट्री के साथ अपनी जमीन तस्वीर देख सकेंगे, जिस जमीन को संबंधित व्यक्ति ने खरीदा है। यदि दोबारा गलत तरीके से भू-माफियाओं के द्वारा बिक्री होने वाले जमीन को दोबारा बेचने की कोशिश की जा रही है तो रजिस्ट्री नहीं होगी। कारण, जमीन का अक्षांश-देशांतर के साथ वास्तविक तस्वीर अपलोड होते ही वास्तविक मालिक की जानकारी नए सॉफ्वेयर के माध्यम से मिल जाएगी। यदि बेचने वाला मालिक दूसरा है तो तत्काल रजिस्ट्री पर रोक लगेगी। निबंधन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक नए सॉफ्वेयर विकसित करने की योजना पर निबंधन विभाग ने काम शुरू कर दिया है। दरभंगा समेत अन्य इलाकों में ट्रायल हुआ है। ट्रायल सफल होने पर सरकार से अनुमति लेने के लिए विभाग के द्वारा प्रस्ताव भेजा जाएगा। कैबिनेट की हरी झंडी मिलने के बाद इसको लागू कर दिया जाएगा। भास्कर एक्सपर्ट- सत्य नारायण चौधरी, रिटायर्ड सहायक निबंधन महानिरीक्षक गड़बड़ी कम होगी, लोगों को सीधा फायदा होगा नई टेक्नोलॉजी के माध्यम से लोगों की सेवाएं आसान होगी। खरीद-बिक्री होने वाले जमीन के वास्तविक लोकेशन के साथ तस्वीर होने पर गलत होने की संभावनाएं कम होंगी। कारण, अक्षांश-देशांतर वास्तविक जमीन की तस्वीर होने पर गुगल मैप के माध्यम से जानकारी लेना आसान हो जाएगा। खरीदार को सही जमीन और मकान मिलेगा। गड़बड़ी कम होगी। लोगों को इसका सीधा फायदा होगा। वो सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है दाखिल-खारिज की दिक्कत दूर कैसे होगी? रजिस्ट्री होने वाली 60 प्रतिशत जमीन का दाखिल-खारिज ऑनलाइन हो सकेगा। इसके लिए पिछले दिनों ट्रायल किया गया है। पूरा प्लान बनकर तैयार है। त्रुटियों को दूर कर इसे जल्द लागू किया जाएगा। निबंधन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक सॉफ्टवेयर को ज्वाइंट करने के बाद इसका लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। किसी तरह की परेशानी होने पर जमीन की वास्तविक लोकेशन वाली तस्वीर के माध्यम से सही स्थिति मिलेगी। नई व्यवस्था से क्या फायदा होगा? जमीन विवाद से निजात मिलेगी। एक क्लिक पर रजिस्ट्री के साथ अपनी जमीन तस्वीर देख सकेंगे, जिस जमीन को संबंधित व्यक्ति ने खरीदा है। अब रजिस्ट्री होते ही जो एसएमएस भेजा जाएगा, उसमें जमीन की पूरी जानकारी फोटो के साथ होगी। इसको डाउनलोड कर खरीदार सरकारी दस्तावेज के रूप में उपयोग कर सकेंगे। अलग से कार्यालय आकर कॉपी निकालने की जरूरत नहीं होगी। जमीन रजिस्ट्री में अभी कैसी व्यवस्था है? अभी जमीन की रजिस्ट्री से पहले जीपीएस कैमरा के माध्यम से जमीन का सत्यापन कराया जा रहा है। लेकिन, वास्तविक स्थिति की जानकारी नहीं मिलती है। कई बार जीपीएस कैमरा में लोकेशन एक किमी आगे-पीछे का आता है। यह परेशानी ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक होती है। इस कारण वास्तविक जानकारी नहीं मिल पाती है। नया सॉफ्टवेयर विकसित होने के बाद जमीन के वास्तविक लोकेशन की तस्वीर अपलोड होगी।
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