निजी स्कूलों की मनमानी फीस पर किसान यूनियन का प्रदर्शन:26 अप्रैल से आंदोलन की चेतावनी, सस्ती शिक्षा की उठाई मांग
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निजी स्कूलों की मनमानी फीस पर किसान यूनियन का प्रदर्शन:26 अप्रैल से आंदोलन की चेतावनी, सस्ती शिक्षा की उठाई मांग
भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) ने निजी स्कूलों द्वारा मनमानी फीस वसूली और किताबों की बढ़ती कीमतों के खिलाफ जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन की चेतावनी दी है। संगठन ने आरोप लगाया है कि प्रशासन उनकी शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। यूनियन ने पहले भी एक ज्ञापन सौंपा था, जिसमें कक्षा 1 से 12 तक के छात्रों से प्रवेश शुल्क, भवन शुल्क, स्कूल ड्रेस, ट्यूशन फीस और किताबों-कॉपियों के लिए मनमाने ढंग से पैसे वसूलने का मुद्दा उठाया गया था। संगठन के अनुसार, विद्यालय निरीक्षक कार्यालय और जिलाधिकारी कार्यालय ने इस संबंध में कोई संतोषजनक जवाब या कार्रवाई नहीं की है। भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के जिलाध्यक्ष धीरेन्द्र सिंह तालियान ने बताया कि निजी स्कूल हर साल किताबें बदलते हैं और उनकी कीमतें बहुत अधिक होती हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि नर्सरी कक्षा की किताबें भी 3600 से 4000 रुपये तक की आती हैं। तालियान ने इसे ‘पब्लिक स्कूलों की लूटमार’ बताया। तालियान ने जोर दिया कि शिक्षा को व्यवसाय नहीं बनाया जाना चाहिए और गरीब तथा आम लोग पढ़ाई से वंचित न रहें, इसके लिए सस्ती शिक्षा उपलब्ध होनी चाहिए। यूनियन ने जिलाधिकारी कार्यालय से 24 अप्रैल तक पूर्व में दिए गए ज्ञापन पर कार्रवाई करने और वर्तमान सत्र 2024-25 के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि 24 अप्रैल तक इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) 26 अप्रैल से आंदोलन करने को मजबूर होगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
Source: Dainik Bhaskar via DNI News
