कन्नौज में एक कार्यक्रम में अधिकारियों ने नहीं पहुंचने पर राज्यमंत्री असीम अरुण ने डीएम के नाम एक शिकयाती पत्र लिखा है। मंत्री ने नाराजगी जताते हुए भविष्य में अनुशासन बनाए रखने को कहा। उन्होंने पत्र में लिखा- अनुशासन ही प्रशासन की नींव है और मैं अपनी टीम से भी उसी समयबद्धता की उम्मीद रखता हूं जिसका मैं स्वयं पालन करता हूं। दरअसल, रोमा स्मारक में गुरुवार शाम 5:30 बजे डिस्कवर योर रूट्स (अपनी जड़ों को खोजें) कार्यक्रम होना था। प्रदेश सरकार के 9 साल पूरे होने पर सांस्कृतिक विभाग की ओर से आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण को मुख्य अतिथि थे। मंत्री शाम 5:15 बजे अपनी पत्नी ज्योत्सना के साथ कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए, लेकिन वहां कोई अधिकारी उन्हें नजर नहीं आए। मंत्री असीम अरुण के साथ भाजपा जिलाध्यक्ष वीरसिंह भदौरिया, पूर्व जिलाध्यक्ष नरेंद्र राजपूत, भाजयुमो जिलाध्यक्ष अभिमन्यु ठाकुर कुछ अन्य नेता व कार्यकर्ता भी कार्यक्रम स्थल पर बैठकर अधिकारियों का इंतजार करने लगे, ताकि कार्यक्रम शुरू कराया जा सके। मंत्री के जाने के बाद पहुंचे डीएम और एसपी पौन घण्टे तक समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने अधिकारियों के आने का इंतजार किया, लेकिन अफसरों के न पहुंचने पर वह नाराज हो गए। वह उठकर गेट से बाहर निकल गए और कार में बैठकर वहां से चले गए। उनके साथ बीजेपी के नेता और कार्यकर्ता भी चले गए। हालांकि मंत्री के जाने के 10 मिनट बाद डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री, एसपी बिनोद कुमार, एडीएम देवेंद्र कुमार, एसडीएम वैशाली कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए। जब अधिकारियों को मंत्री असीम अरुण के नाराज होकर जाने की जानकारी मिली तो उनके चेहरों की हवाइयां उड़ गईं। समाज कल्याण मंत्री के करीबी माने जाने वाले प्रवीण टण्डन के जरिए नेताओं को मानने के प्रयास किए गए। इसके बाद भी जब कोई नेता कार्यक्रम स्थल पर नहीं पहुंचा तो डीएम के निर्देश पर कार्यक्रम कराया गया। हालांकि इस कार्यक्रम में अधिकारी-कर्मचारी और स्टूडेंट्स ही रहे।
मामले को लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष वीरसिंह भदौरिया ने बताया कि हम लोग पौन घण्टे इंतजार करते रहे, लेकिन कोई अधिकारी रोमा स्मारक में नहीं पहुंचा। इसलिए हम लोग भी वहां से चले आए। जब उनसे पूछा कि अधिकारी आ गए हैं, क्या अब आप लोग आएंगे? इस पर जिलाध्यक्ष ने जवाब दिया कि मेरे नेता (असीम अरुण- समाज कल्याण मंत्री) वहां से चले आए तो अब लोग भी वहां नहीं जाएंगे। इस मामले को लेकर मंत्री असीम अरुण ने देर रात एक अपने लेटर पैड पर एक पत्र डीएम को लिखा। उन्होंने लिखा- प्रिय श्री अग्निहोत्री जी, मैं अत्यंत खेद के साथ आपका ध्यान रोमा स्मारक पर आज आयोजित कार्यक्रम के दौरान हुई अव्यवस्था की ओर आकर्षित करना चाहता हूं। मुझे इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शाम 5:30 बजे आमंत्रित किया गया था। एक अनुशासित नागरिक होने के नाते, मैं नियत समय पर वहां पहुंचा, लेकिन वहां का अनुभव शिष्टाचार और समय की पाबंदी के बिल्कुल विपरीत रहा। मुख्य आयोजक, सुश्री वैशाली (एस.डी.एम.), मेरे पहुंचने के लगभग 15 मिनट बाद आईं, जिसके बाद ए.डी.एम. का आगमन हुआ। मैंने लगभग 45 मिनट तक कार्यक्रम शुरू होने का इंतजार किया। इस दौरान मंच से यह घोषणा होती रही कि कार्यक्रम आपके आगमन के उपरांत शुरू होगा। आप सहमत होंगे कि यह स्थिति मेरे लिए असहज हो गई। यह भी किसी को ज्ञात नहीं था कि आप कब तक आएंगे। अतः मेरे पास प्रस्थान करने के अतिरिक्त कोई विकल्प नहीं बचा। एक लोक सेवक के रूप में, हमें माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी और माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी की कार्यशैली से प्रेरणा लेनी चाहिए, जो समय की पाबंदी और अनुशासन के लिए जाने जाते हैं। आपसे अपेक्षा है कि भविष्य में यह सुनिश्चित किया जाए कि आपके और आपकी टीम द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में समय की गरिमा बनी रहे। अनुशासन ही प्रशासन की नींव है, और मैं अपनी टीम से भी उसी समयबद्धता की उम्मीद रखता हूँ, जिसका मैं स्वयं पालन करता हूं। ———————————– ये खबर भी पढ़ेंः- यूपी के चर्चित IPS केके बिश्नोई-अंशिका वर्मा की सगाई:रिंग पहनाकर गले लगे, ‘चल प्यार करेगी…’ गाने पर जमकर नाचे; VIDEO यूपी के चर्चित IPS केके बिश्नोई और अंशिका वर्मा की सगाई हो गई है। संभल में गुरुवार रात साढ़े 9 बजे एसपी बिश्नोई और बरेली एसपी अंशिका ने एक-दूसरे को रिंग पहनाई। फिर एक-दूसरे का हाथ थामा और हवा में लहराकर खुशी का इजहार किया। दोनों ने एक-दूसरे को गले भी लगाया। पढ़ें पूरी खबर…

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