बागपत के शबगा गांव में समाजवादी पार्टी का पीडीए संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि देश में हर वर्ग, विशेषकर ब्राह्मणों पर अत्याचार हो रहे हैं। सिद्दीकी ने अपने संबोधन में कहा कि उन्होंने गीता, चारों वेद और कुरान का अध्ययन किया है और सभी धर्मों की किताबें प्रेम से रहने का संदेश देती हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि 2014 से पहले देश में मंदिर-मस्जिद क्यों नहीं थे और अब भाजपा सरकार क्यों मंदिर-मस्जिद की राजनीति को बढ़ावा देकर आपसी प्रेम खत्म कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा सरकार के रहते ही हर वर्ग और विशेषकर ब्राह्मणों पर अत्याचार हो रहे हैं। उन्होंने शंकराचार्य विवाद का जिक्र करते हुए पूछा कि क्या यह रामराज है। पूर्व मंत्री ने अखिलेश यादव के पीडीए (पिछड़ा, दलित,अल्पसंख्यक) के उद्देश्य को सभी लोगों को साथ लेकर चलना बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में तोड़ने की साजिश हो रही है और भाजपा की मंदिर-मस्जिद की राजनीति देश को कमजोर कर रही है। नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने भाजपा सरकार पर अमेरिकी दादागिरी स्वीकार करने का आरोप लगाया। उन्होंने पुलवामा और पहलगाम में हुए आतंकी हमलों का जिक्र करते हुए सुरक्षा में चूक पर सवाल उठाए। सिद्दीकी ने कहा कि देश की सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत दुश्मनों को मारा, इसमें अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प का क्या लेना-देना था। उन्होंने यह भी कहा कि सीजफायर का अधिकार हमारी सेना का है ट्रम्प का नहीं और सरकार देश को अमेरिका का गुलाम बना रही है। सिद्दीकी ने देश में बढ़ती बेरोजगारी,परीक्षाओं के पेपर रद्द होने, महंगाई चरम पर होने और किसानों पर थोपे गए तीन काले कानूनों को लेकर भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि किसानों को रोका गया और 731 किसान बॉर्डर पर मर गए। उन्होंने सवाल किया कि सरकार ने बाद में काले कानूनों को खुद भी काला कहा और गलती मानी,लेकिन 731 किसानों की मौत का जिम्मेदार कौन है। पूर्व मंत्री ने दावा किया कि जेवर एयरपोर्ट बनाने का फैसला समाजवादी पार्टी सरकार का था,जबकि वर्तमान सरकार को केवल ‘पत्थर लगाने’ का शौक है।

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