लखनऊ के नवयुग कन्या महाविद्यालय, राजेंद्र नगर में अंतरराष्ट्रीय खुशी दिवस के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। मनोविज्ञान विभाग ‘अभिव्यक्ति’ ने ‘हास्य के माध्यम से खुशी’ विषय पर एक संगोष्ठी और स्टैंड-अप कॉमेडी कार्यक्रम प्रस्तुत किया, जिसमें छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ। मुख्य अतिथि ममता अंबुजनानी का स्वागत प्रो. शर्मिता नंदी और डॉ. सोनल अग्रवाल ने पौधा और स्मृति चिह्न भेंट कर किया। हास्य मानसिक स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण आधार अपने संबोधन में मुख्य अतिथि ममता अंबुजनानी ने हास्य को मानसिक स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा कि सकारात्मक मनोविज्ञान में हास्य को तनाव कम करने और भावनात्मक संतुलन बनाए रखने का प्रभावी माध्यम माना जाता है। अंबुजनानी के अनुसार, हंसी व्यक्ति को चुनौतियों को भी सकारात्मक दृष्टिकोण से देखने में मदद करती है। कार्यक्रम के दूसरे चरण में स्टैंड-अप कॉमेडी प्रतियोगिता आयोजित की गई। कला, विज्ञान और वाणिज्य संकाय की छात्राओं ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। उनकी कॉमिक टाइमिंग और आत्मविश्वास की सराहना की गई। हास्य जीवन का एक आवश्यक कौशल प्रतियोगिता में शांभवी गुप्ता ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। कृषिका, अरुंधति और स्नेहा दीक्षित संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहीं, जबकि सृष्टि मिश्रा ने तीसरा स्थान हासिल किया। सुरभि यादव सहित अन्य प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए। कार्यक्रम के समापन पर प्राचार्या प्रो. मंजुला उपाध्याय ने हास्य को जीवन का एक आवश्यक कौशल बताया। उन्होंने कहा कि हास्य व्यक्ति को तनाव से दूर रखता है और सकारात्मक सोच विकसित करता है। प्राचार्या ने छात्राओं को जीवन में हमेशा हंसते और खुश रहने का संदेश दिया।कार्यक्रम का समापन सामूहिक वंदे मातरम् गायन के साथ हुआ। इसका संचालन डॉ. सोनल अग्रवाल, डॉ. गगन प्रीत कौर, डॉ. सुकन्या तिवारी और सुश्री सुचिता सिंह ने किया।

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