1 करोड़ युवाओं को नौकरी-रोजगार देने के वादे के साथ 10वीं बार CM बने नीतीश कुमार अपने मिशन में जुटे हैं। नई सरकार बनने के बाद के एक माह के अंदर रोजगार को लेकर 3 बड़ी बैठकें हुईं। सूत्रों के मुताबिक, नए साल में सरकार 2.64 लाख युवाओं को जॉब देने जा रही है। सबसे अधिक भर्ती शिक्षा, गृह और स्वास्थ्य विभाग में होगी। 1,42,041 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो गई है। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा है कि TRE-4 के लिए रोस्टर क्लियर हो गया है। 46,000 पदों पर बहाली होगी। स्पेशल रिपोर्ट में जानिए, किन विभागों में कितने पद खाली हैं। कौन से सरकारी विभाग सबसे अधिक नौकरी देने जा रहे हैं। शिक्षा विभाग में 46,546 पदों पर होगी बंपर बहाली शिक्षा विभाग में नए साल में करीब 46,546 पदों पर बहाली होगी। इसमें सरकारी स्कूलों में TRE-4 के तहत करीब 27 हजार शिक्षकों की बहाली होगी। 14 जनवरी तक रिक्त पदों की सूची बीपीएससी को भेज दी जाएगी। इसके बाद आयोग फॉर्म निकालने और परीक्षा लेने की तैयारी करेगा। इसके साथ ही दिव्यांग बच्चों के लिए 7279 विशेष स्कूल शिक्षक और 935 पदों पर सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी बहाल करने के लिए भी बीपीएससी से आग्रह किया गया है। 5500 पदों पर लाइब्रेरियन की नियुक्ति की जाएगी। राज्य के विभिन्न कॉलेजों के लिए कुल 5832 सहायक प्राध्यापकों के पदों के लिए अनुशंसा भेजी जा चुकी है। 13 विश्वविद्यालयों से शिक्षकों के रिक्त पदों की जानकारी मांगी गई है। अगले साल 2.64 लाख युवाओं को मिलेगी सरकारी नौकरी वित्त वर्ष 2026-27 में नीतीश सरकार करीब 2.64 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देगी। सबसे बड़ी बहाली सिपाही, शिक्षकों और स्वास्थ्य कर्मियों की होगी। सरकारी सूत्रों की मानें तो बिहार में 2,64,441 नई नौकरियां नए साल में मिलेंगी। इस समय इतने पद खाली हैं। नए जॉब की संख्या बढ़ाई जा रही है। शिक्षा विभाग में 2 लाख से अधिक पद खाली हैं। गृह विभाग में 72 हजार से ज्यादा पद खाली हैं। स्वास्थ्य विभाग में भी 44 हजार पदों पर कर्मचारी नहीं हैं। किस विभाग में कितने पद खाली शिक्षा विभाग: सबसे ज्यादा नौकरियां शिक्षा विभाग में मिलेंगी। 2 लाख से अधिक सीटें खाली हैं। इनमें 1 लाख स्थानीय निकाय के पोस्ट हैं, जिन्हें स्थायी रूप से भरना है। BPSC इन पोस्ट को भर रही है। शिक्षा विभाग में कुल स्वीकृत पोस्ट 8.76 लाख से अधिक है। इस समय 6.79 लाख से अधिक शिक्षक स्कूलों में बच्चों को पढ़ा रहे हैं। गृह विभाग (पुलिस): इस विभाग में 72 हजार से अधिक पद खाली हैं। इनमें से 4,762 पद प्रमोशनल (प्रमोशन पाने वाले कर्मियों से भरे जाने वाले पद) हैं। पुलिस विभाग में 1 लाख 88 हजार 328 पद स्वीकृत हैं। अभी 1.15 लाख से अधिक कर्मी हैं। नए साल में 36 हजार 568 पदों पर भर्ती होगी। स्वास्थ्य विभाग: राज्य के हॉस्पिटल और स्वास्थ्य केंद्र में 44 हजार से अधिक पद खाली हैं। स्वास्थ्य विभाग को कर्मचारियों की कमी से काफी परेशानी हो रही है। स्वास्थ्य विभाग में 83,724 से अधिक स्वीकृत पद हैं। इसमें से 39 हजार पदों पर स्वास्थ्य कर्मी और डॉक्टर तैनात हैं। समाज कल्याण विभाग: इस विभाग में अभी 26 हजार से अधिक पोस्ट खाली हैं। 2 लाख 42 हजार पद स्वीकृत हैं। 2.16 लाख से अधिक पद पर लोग काम कर रहे हैं। 26 हजार में से 20 हजार से अधिक पद ठेके वाले हैं। पंचायती राज विभाग: इस विभाग में फिलहाल 22 हजार से अधिक पद खाली हैं। 188 पद प्रमोशनल हैं। विभाग में वर्तमान में 32,177 पदों पर कर्मी तैनात हैं। पंचायती राज विभाग में कुल 54, 377 पद स्वीकृत हैं। ग्रामीण विकास विभाग: गांव के विकास से जुड़े इस विभाग में 15 हजार से अधिक पद खाली पड़े हैं। विभाग में 38,420 सेक्शन पोस्ट हैं। इनमें से 23,103 पद भरे हैं। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग: जमीन से जुड़े इस विभाग में 27,240 स्वीकृत पद हैं। 17,423 पद पर कर्मी तैनात हैं। करीब 10 हजार पद खाली हैं। इनमें से 6691 पद ठेके वाले हैं। 707 पद प्रमोशन से भरे जाने हैं। जल संसाधन विभाग: इस विभाग में 11 हजार से अधिक पद खाली हैं। 22,214 पद स्वीकृत हैं। 10,133 पद पर कर्मी तैनात हैं। 6822 पद प्रमोशन से भरे जाते हैं। कृषि विभाग: इस विभाग में 8 हजार से अधिक पद खाली हैं। नियुक्ति प्रक्रिया जारी है। कृषि विभाग का कुल स्वीकृत पद 16 हजार 31 है, जिसमें से 7267 पद पर कर्मी तैनात हैं। कुल पद में से 2968 प्रमोशन से भरे जाते हैं। नगर विकास एवं आवास विभाग: 12 हजार से अधिक पद खाली हैं। स्वीकृत पद 13,643 हैं। सिर्फ 1 हजार पद पर कर्मी तैनात हैं। 3606 पद प्रमोशन से भरे जाएंगे। ऊर्जा विभाग: इस समय ऊर्जा विभाग में आधे से अधिक पद खाली हैं। स्वीकृत पद 22,096 में से 10,448 पद भरे हैं। 4952 पद प्रमोशन से भरे जाते हैं। साइंस, टेक्नोलॉजी एंड टेक्निकल एजुकेशन डिपार्टमेंट: इस विभाग में 9911 पद में से 6702 खाली हैं। 3209 पदों पर कर्मी तैनात हैं। लघु जल संसाधन विभाग: इस विभाग का हाल भी साइंस, टेक्नोलॉजी एंड टेक्निकल एजुकेशन डिपार्टमेंट जैसा है। इसके 75 फीसदी पद खाली हैं। कुल स्वीकृत पद 9379 हैं। 2264 कर्मी काम कर रहे हैं। 7 हजार से अधिक पद खाली हैं। पशुपालन विभाग: इस विभाग में 9314 सेंक्शन पोस्ट हैं। 5565 कर्मचारी काम कर रहे हैं। 3749 पद खाली हैं। 1855 पद प्रमोशन से भरे जाते हैं। SCST कल्याण: अनुसूचित-जाति एवं अनुसूचित जन-जाति कल्याण विभाग में 5586 पद खाली हैं। 8856 स्वीकृत पद हैं। 3270 कर्मी काम कर रहे हैं। 753 पद प्रमोशन से भरे जाने हैं। PHED: पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट में 7,558 स्वीकृत पद हैं। इनमें से 2,689 पर लोग काम कर रहे हैं। 4869 पद खाली हैं। 458 पद प्रमोशनल हैं। सामान्य प्रशासन विभाग: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विभाग में भी कर्मियों की कमी है। 10,795 स्वीकृत पदों में से 6,379 पद खाली हैं। 4416 लोग इस विभाग में काम कर रहे हैं। 1,577 पद तरक्की से भरे जाते हैं। श्रम संसाधन विभाग: मजदूरों के अधिकार की रक्षा करने, सामाजिक सुरक्षा देने और लेबर लॉ लागू कराने जैसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी वाले विभाग में 6,010 स्वीकृत पद हैं। इनमें से 3 हजार खाली हैं। 3 हजार से कम लोग काम कर रहे हैं। पथ निर्माण विभाग: बड़े-बड़े पुल-पुलिया और सड़क बनाने वाले विभाग का हाल भी खराब है। 5727 पदों में से 3461 खाली हैं। 2266 कर्मी काम कर रहे हैं। ग्रामीण कार्य विभाग: ग्रामीण सड़क और पुल पुलिया से जुड़े काम कराने वाले इस विभाग में कर्मचारियों की कमी है। 5461 पदों में से 2698 पद खाली हैं। 319 पद तरक्की से भरे जाते हैं। भवन निर्माण विभाग: इस विभाग में 5962 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 1901 पर कर्मचारी काम कर रहे हैं। 4061 पद खाली हैं। 1778 पद प्रमोशन से भरे जाते हैं। मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन: शराबबंदी लागू कराने के लिए जिम्मेदार इस विभाग के 50 फीसदी से अधिक पद खाली हैं। 4989 स्वीकृत पद हैं। इनमें से 2931 खाली हैं। सहकारिता विभाग: इस विभाग में स्वीकृत पद 4989 हैं। 2931 पद खाली पड़े हैं। 2058 पद पर कर्मचारी तैनात हैं। योजना एवं विकास विभाग: इस विभाग के 2423 पद खाली हैं। स्वीकृत पदों की संख्या 4407 है। 1994 पद भरे हैं। 452 पद प्रमोशन से भरे जाएंगे। मंत्रिमंडल सचिवालय: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विभाग में 4652 स्वीकृत पद हैं। 2800 से अधिक पद खाली हैं। 1756 पद भरे गए हैं। वाणिज्य कर विभाग: टैक्स कलेक्शन के लिए कर्मी नहीं हैं। कुल स्वीकृत पद 3089 में से 2400 खाली हैं। सिर्फ 684 पद पर कर्मचारी तैनात हैं। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग: इस विभाग में 3572 पद स्वीकृत हैं। 1841 पदों पर भर्ती हुई है। 1423 पद खाली हैं। वित्त विभाग: विभाग में कुल स्वीकृत पद 2292 के मुकाबले 1124 पद खाली हैं। काम कर रहे लोगों की संख्या 1168 है। ओबीसी और ईबीसी विभाग: इस विभाग के लिए 1391 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 994 खाली हैं। 685 पदों पर कर्मी तैनात हैं। ट्रांसपोर्ट: इस विभाग में कुल स्वीकृत पद 1391 में से 767 पद भरे हैं। 767 पद खाली पड़े हैं। गन्ना उद्योग: इस विभाग का हाल सबसे खराब है। 85% पद खाली हैं। 1192 पद स्वीकृत हैं। 115 पद पर कर्मचारी तैनात हैं। 1077 पोस्ट खाली पड़े हैं। खेल विभाग: श्रेयसी सिंह के विभाग में भी कर्मियों की कमी है। कुल स्वीकृत 1019 पदों में से सिर्फ 65 पर कर्मचारी तैनात हैं। 954 पद खाली हैं। सरकार ने इसे नया विभाग बनाया है। उद्योग विभाग: सरकार राज्य में उद्योग बढ़ाने के लिए इस विभाग पर फोकस कर रही है। विभाग के लिए स्वीकृत 855 पदों में से 467 पद पर कर्मी तैनात हैं। 368 खाली हैं। अल्पसंख्यक कल्याण: इस विभाग के लिए 1477 कर्मचारी स्वीकृत हैं। 227 पद भरे और 1250 खाली हैं। खान एवं भूतत्व: खनन से जुड़े मामलों के इस विभाग में स्वीकृत पद 536 हैं। इनमें से 305 खाली हैं। सिर्फ 231 पद भरे हैं। पर्यटन विभाग: बिहार के पर्यटन स्थलों को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी इस विभाग पर है। इसके 196 स्वीकृत पदों में से 149 खाली हैं। सिर्फ 47 अधिकारी और कर्मचारी काम कर रहे हैं। कला संस्कृत एवं युवा विभाग: 609 स्वीकृत पदों में से 162 भरे और 447 खाली हैं। संसदीय कार्य: इस विभाग में 15 पोस्ट हैं, जिसमें से 11 पद भरे हैं। सूचना एवं जनसंपर्क: विभाग में 685 स्वीकृत पद हैं, जिसमें से 385 खाली हैं। 300 कर्मी काम कर रहे हैं।
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