बरेली की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक पहचान पर फिल्म ‘धुरंधर-2’ में किए गए एक डायलॉग ने अब कानूनी रूप ले लिया है। बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ रही इस फिल्म में एक पात्र को ‘बरेली का पॉकेटमार’ कहकर संबोधित किया गया है, जिस पर समाजवादी पार्टी के नेता और रामपुर गार्डन वार्ड के पार्षद राजेश अग्रवाल ने कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने फिल्म के निर्माताओं-आदित्य धर, लोकेश धर और ज्योति देशपांडे को कानूनी नोटिस भेजकर इस आपत्तिजनक संवाद को तुरंत हटाने की मांग की है। पांचाल और आला हजरत की नगरी का अपमान बर्दाश्त नहीं: राजेश अग्रवाल आवास विकास कॉलोनी निवासी पार्षद राजेश अग्रवाल ने अपने नोटिस में स्पष्ट कहा है कि बरेली शहर की अपनी एक गरिमा है। यह पांचाल नगरी और आला हजरत की पवित्र धरती है। फिल्म में शहर को अपराध या पॉकेटमारी से जोड़ना न केवल तथ्यों से परे है, बल्कि करोड़ों लोगों की भावनाओं को आहत करने वाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि फिल्मकारों ने महज सस्ती लोकप्रियता बटोरने के लिए शहर की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया है। संवाद नहीं हटाया तो दर्ज होगी FIR और मानहानि का केस सपा नेता ने चेतावनी दी है कि यदि फिल्म से ‘बरेली का पॉकेटमार’ वाला डायलॉग तत्काल नहीं हटाया गया, तो वह निर्माताओं के खिलाफ बरेली की छवि खराब करने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराएंगे। इसके साथ ही, शहर के सम्मान को ठेस पहुंचाने के लिए भारी-भरकम मानहानि का दावा भी पेश किया जाएगा। राजेश अग्रवाल, जो पूर्व में बरेली शहर विधानसभा से सपा के प्रत्याशी भी रह चुके हैं, ने साफ कर दिया है कि वह इस फिल्म में दिए गए पॉकेटमार वाले डायलॉग के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने को तैयार हैं।

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