हरदोई में कासिमपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवती को धर्म बदल कर पहले उसके साथ नजदीकियां बढ़ाईं। दावा है फिर दो युवकों ने युवती के साथ दुष्कर्म किया। इस मामले में दो आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी गई है। विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट सुनील कुमार सिंह ने यह आदेश जारी किया है। कासिमपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 17 फरवरी को मुकदमा दर्ज कराया था। बताया कि उनकी पुत्री 14 फरवरी की रात बिना बताए घर से चली गई थी। सुबह आसपास और रिश्तेदारी में तलाश किया, लेकिन सुराग नहीं लगा। व्यक्ति ने अज्ञात पर पुत्री को बहला कर ले जाने का आरोप लगाया था। पुलिस की विवेचना में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए थे। इस दौरान पता चला कि नवाबनगर निवासी इमरान ने खुद को शिव बता कर युवती से जान पहचान की। इसके बाद वह उसे बहला कर अपने साथ लिए गया। न्यायालय में युवती ने दिए बयान में बताया कि इमरान कासिमपुर निवासीअपने दोस्त दिलशाद के साथ उसे लखनऊ ले गया। वहां उसे कमरे में बंद करके रखा गया था। वहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया। युवती ने यह बताया कि उसकी चचेरी बहन ने इमरान का मोबाइल नंबर दिया था। दुष्कर्म के बाद उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव भी बनाया गया था। इमरान ने अपना नाम शिव बताया था। आरोपियों के अधिवक्ता ने न्यायालय में जमानत अर्जी दाखिल की थी। अपर जिला जज सुनील कुमार सिंह ने मामले की प्रकृति को गंभीर बताया। उन्होंने पीड़िता के बयान, उपलब्ध साक्ष्यों और परिस्थितियों को देखते हुए आरोपियों को जमानत पर रिहा करना न्यायहित में उचित नहीं माना। जज ने दोनों आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

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