यह कैमूर के रामगढ़ प्रखंड का बड़ौरा पंचायत है।अब ग्राम पंचायत की पहचान कोरोना काल से भी जोड़ी जा रही है। दरअसल कोरोना संक्रमण के चलते वर्ष 2020-21 में सब और जब काम धंधे ठप्प होने लगे, तब ग्राम पंचायत के वह लोग जो नौकरी पेशे में हैं,बाहर रहते हैं। काम ठप होने की वजह तब गांव लौट आए थे। इसी बीच लोगों ने तय किया कि कुलदेवी का भव्य मंदिर बने।जीर्णोद्धार हो जाए। इसके पहले यह मंदिर काफी छोटा था। अब आपसी जन सहयोग से 81 लाख रुपए खर्च कर भव्य मंदिर खड़ा है।मान्यता यह है कि गांव के लोग सुबह उठते ही यहां कुलदेवी को शीश नवाते हैं।इसके बाद ही अपने दैनिक जीवन कार्य शुरू करते हैं। कहा यह भी जा रहा है कि मां छेरावरी की मन्नत से मनोरथ पूरे होते हैं। मूलतः मां छेरावरी मारवाड़ वंश की कुलदेवी बताई गई है। बहरहाल,ग्राम पंचायत कई अन्य मामलों में भी खास है।ग्राम पंचायत में 9 आबादियां बडोरा, आंटडीह, नरहन, नट वा, भरौला, मोहन भरौला, बालपुर, जोरार और खनेठी शामिल है।ग्राम पंचायत के पूरब,पश्चिम और उत्तर तीन तरफ से दो नदियां दुर्गावती और कर्मनाशा घेरती है।इसी ग्राम पंचायत के आँटडीह में कैमूर पहाड़ी से निकली दुर्गावती नदी कर्मनाशा में विलीन हो जाती हैं।जो सीधे गंगा की ओर निकल पड़ती है। प्रमुख उपज- धान, गेहूं अब दलहन तिलहन के अलावे नकदी खेती भी गांव के लोग कर रहे हैं। कनेक्टिविटी: सड़क मार्ग से ई रिक्शा, टेंपो, टैक्सी के अलावे 7 किमी की दूरी पर दिलदार नगर। भभुआ बक्सर मुख्य रोड से निकली लिंक रोड से ग्राम पंचायत के ज्यादातर गांव जुड़ते हैं। जिला मुख्यालय से दूरी 34 किलोमीटर
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