चंदौली के एसडीएम पति–पत्नी का आपसी विवाद पुलिस तक पहुंच गया है। एसडीएम अनुपम मिश्रा और उनकी पत्नी दिव्या ओझा का सरकारी आवास 15 किलोमीटर पर है। लेकिन, दूरियां इस कदर बढ़ गई हैं कि एक साल में दोनों एक–दूसरे के आवास पर जाते नहीं हैं। डीएम की बैठकों में शामिल होते हैं पर वहां भी दूर–दूर ही बैठते हैं। दोनों में बातचीत भी नहीं होती है। दिव्या ओझा प्रतापगढ़ जिले की रहने वाली हैं। उनके पिता निशाकांत ओझा प्रतापगढ़ के रानीगंज से पूर्व मंत्री शिवाकांत ओझा के छोटे भाई हैं। वहीं, अनुपम मिश्रा प्रयागराज के एलडीए कॉलोनी निवासी हैं। दिव्या ओझा के पिता ने प्रतापगढ़ में अनुपम मिश्रा के खिलाफ दहेज, मारपीट और उत्पीड़न का केस दर्ज कराया है, जिसमें उन्होंने बड़े आरोप लगाए हैं। पढ़िए दोनों की चंदौली में तैनाती से लेकर बिगड़ते रिश्तों की कहानी… दोनों की पहली पोस्टिंग प्रयागराज में ही 2017 के यूपीपीएससी का रिजल्ट 2019 में आया। प्रयागराज के एलडीए निवासी अनुपम मिश्रा की दूसरी रैंक थी। अनुपम मोतीलाल नेहरू इंजीनियरिंग कॉलेज से बीटेक थे। प्रयागराज से 60 किलाेमीटर दूर प्रतापगढ़ में एक और टॉपर थीं, नाम था–दिव्या ओझा। उन्हें नौवीं रैंक मिली। दिव्या राजनीतिक बैकग्राउंड से आती हैं, जबकि अनुपम साधारण परिवार से। दोनों की पहली पोस्टिंग प्रयागराज में ही हुई। इधर, दिव्या के परिवार वालों ने अनुपम को उनके साथी के रूप में चुना। दोनों की शादी 1 दिसंबर 2020 को हुई। तीन साल पहले दिव्या को चंदौली में पोस्टिंग मिली। कुछ महीने बाद अनुपम मिश्रा की भी पोस्टिंग चंदौली जिले में हो गई। अनुपम मिश्रा सकलडीहा तहसील में एसडीएम और दिव्या ओझा चकिया तहसील में तैनात थीं। दोनों की आवास की दूरी लगभग 40 किलोमीटर इस दौरान दोनों की आवास की दूरी लगभग 40 किलोमीटर से अधिक रही। हालांकि इस दौरान रिश्ते उतने खराब नहीं थे। दो साल तक दोनों के बीच क्या चल रहा है, ये किसी को पता ही नहीं चला। वर्तमान में अनुपम मिश्रा डेढ़ साल से पीडीडीयू नगर तहसील के एसडीएम के रूप में तैनात हैं, जबकि दिव्या ओझा एक साल से अधिक समय से सदर तहसील में तैनात हैं। अनुपम मिश्रा का आवास नियमताबाद गांव के पास बने सरकारी भवन में है। दिव्या ओझा चंदौली नगर पंचायत क्षेत्र के तहत आने वाले पॉलिटेक्निक कॉलेज के आवासीय परिसर में रहती हैं। दोनों अधिकारियों की आवास की बीच की दूरी लगभग 15 किलोमीटर से अधिक है, लेकिन दोनों अधिकारी एक–दूसरे के यहां आते–जाते तक नहीं हैं। जिले के एक अफसर के मुताबिक, सरकारी बैठकों के दौरान दोनों शामिल होते हैं, लेकिन एक-दूसरे से काफी दूर बैठते थे। शुरू में सबको लेकर आश्चर्य हुआ कि ये बात क्यों नहीं करते, लेकिन धीरे–धीरे बातें सामने आने लगीं कि दोनों में पारिवारिक विवाद है। अब पढ़िए दिव्या के पिता ने क्या दर्ज कराई FIR शादी के 6 साल बाद दिव्या के पिता निशाकांत ने 17 मार्च को प्रतापगढ़ जिले में अनुपम मिश्रा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। दिव्या ओझा के पिता ने आरोप लगाया- शादी के पहले दामाद अनुपम मिश्रा, उसके पिता प्रमोद मिश्रा, मां शशि मिश्रा और बहनें पूजा पांडे और प्रीति पांडे ने मिलकर दहेज की मांग शुरू कर दी। शुरुआत में 20 करोड़ रुपए तक की मांग की गई, जो बाद में घटाकर 1 करोड़ नकद, लग्जरी होटल में शादी और महंगी गाड़ी तक पहुंची। कहा- झूठ बोलकर शादी की गई। वह जन्मजात नपुसंक है। बेटी जब इसपर सवाल उठाती तो उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट करते थे। पिता ने बताया- सामाजिक दबाव में हमने सगाई से पहले 10 लाख रुपए ट्रांसफर किए। इसके अलावा शादी तक 28 लाख रुपए नकद, 40 लाख रुपए के गहने और 7 लाख रुपए का सामान दिया। इसके बावजूद भी बेटी को लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की गई। पति और सास ने मिलकर जानलेवा हमला किया 7 दिसंबर 2025 की रात 2 बजे पति और सास ने मिलकर उस पर जानलेवा हमला किया, जिससे उसके सिर, हाथ और पीठ पर गंभीर चोटें आईं। दावा किया कि घटना की मेडिकल रिपोर्ट और ऑडियो रिकॉर्डिंग सबूत के रूप में उनके पास हैं। आरोप है कि मारपीट के दौरान पीड़िता के अश्लील वीडियो और फोटो बनाकर उसे वायरल करने की धमकी दी गई। ब्लैकमेल किया गया। तलाक की बात करने पर 20 साल तक तलाक न देने और करियर बर्बाद करने की धमकी भी दी गई। बेटी के गहने, कपड़े और बाकी सामान ससुराल पक्ष ने अपने कब्जे में ले लिया है। जिसे बार-बार मांगने पर भी वापस नहीं किया जा रहा। अनुपम की मां भी FIR कराने पहुंची थीं पुलिस के मुताबिक, 21 मार्च की दोपहर पीडीयू नगर के एसडीएम अनुपम मिश्रा की मां शशि मिश्र चंदौली के अलीनगर थाने पर कई वकीलों के साथ पहुंची थीं। वह अपनी बहू यानी एसडीएम दिव्या ओझा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराना चाहती थीं। हालांकि, उन्होंने मुकदमा दर्ज नहीं कराया और लौट गईं। दिव्या के चाचा पूर्व कैबिनेट मंत्री, बोले- यह परिवार का निजी मामला दिव्या ओझा, यूपी सरकार में पूर्व कैबिनेट मंत्री रहे शिवाकांत ओझा की भतीजी हैं। पूर्व मंत्री ने कहा- मैं शादी में गया था। दामाद से बात होती है, लेकिन यह परिवार का निजी मामला है। इस पर मैं सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। इस मामले में अनुपम मिश्रा और दिव्या से दैनिक भास्कर ने बात करने के लिए दोनों को फोन लगाए, लेकिन उन्होंने फोन पिकअप नहीं किया। उनका पक्ष आते ही खबर में अपडेट कर दिया जाएगा। ————————————– ये खबर भी पढ़ेंः- चंदौली में ससुर बोले- SDM दामाद जन्मजात नपुंसक:झूठ बोलकर शादी की, एसडीएम बेटी का अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल कर रहा चंदौली में SDM दिव्या ओझा के पिता ने अपने SDM दामाद अनुपम मिश्रा पर नपुंसक होने का आरोप लगाया। कहा- झूठ बोलकर शादी की गई। वह जन्मजात नपुसंक है। बेटी जब इसपर सवाल उठाती तो उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट करते थे। दहेज में 20 करोड़ मांगने का भी आरोप लगाया। पढ़ें पूरी खबर…

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