भास्कर न्यूज|दरभंगा वर्ष 2014 से सामाजिक समरसता और धार्मिक सौहार्द का संदेश दे रहे दरभंगा पर्यटन संस्थान की ओर से रविवार की शाम दरभंगा जंक्शन से 75 सदस्यीय जियारत दल देवाशरीफ (बाराबंकी), हजरत निजामुद्दीन (दिल्ली) एवं अजमेर शरीफ की जियारत पर निकला है। जियारत टीम 10 जनवरी की रात दरभंगा वापस लौटेगी। दरभंगा पर्यटन संस्थान की ओर से वर्ष 2014 से लगातार हर वर्ष अलग-अलग जियारत एवं तीर्थ यात्रा का आयोजन किया जाता रहा है। हालांकि इस बार नवंबर में विधानसभा चुनाव होने के कारण यह यात्रा जनवरी में आयोजित की गई। यात्रा के अवसर पर संस्थान के हिंदू सहयोगियों ने दरभंगा स्टेशन पहुंचकर सभी यात्रियों को शुभकामनाएं दीं और सफल एवं सुरक्षित यात्रा की कामना करते हुए उन्हें विदा किया। संस्थान की संरक्षक एवं पूर्व पार्षद मधुबाला सिन्हा ने बताया कि वर्ष 2014 से शुरू इस पहल के तहत अब तक पांच हजार से अधिक हिंदू एवं मुस्लिम श्रद्धालु विभिन्न तीर्थ स्थलों और जियारत यात्राओं में शामिल हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि संस्थान का मुख्य उद्देश्य बुजुर्ग यात्रियों को सुरक्षित, सुलभ और व्यवस्थित यात्रा का अवसर प्रदान करना है। इसी उद्देश्य से संस्थान का गठन किया गया था, जो निरंतर सेवा कार्य में सक्रिय है। उन्होंने बताया कि सभी यात्राएं यथासंभव ट्रेन से कराई जाती हैं और दो महीने पूर्व ही आरक्षण की प्रक्रिया पूरी कर ली जाती है। यात्रा के दौरान युवा सहयोगी पूरी व्यवस्था संभालते हैं, जिससे बुजुर्ग यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। यात्रियों के भोजन, पानी और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा जाता है ताकि यात्रा के दौरान उनकी सेहत पर कोई प्रतिकूल असर न पड़े। मधुबाला सिन्हा ने यह भी बताया कि वे स्वयं प्रत्येक यात्रा में दल के साथ जाती हैं और वापसी भी साथ ही करती हैं। जियारत दल की वापसी के बाद दरभंगा पर्यटन संस्थान के एक सौ हिंदू सदस्यों का तीर्थ यात्रा दल 15 जनवरी को विंध्याचल, प्रयागराज एवं अयोध्या के लिए रवाना होगा। यह पहल न सिर्फ धार्मिक आस्था को मजबूती देती है, बल्कि आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता की मिसाल भी पेश कर रही है।
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