देवरिया में भाटपाररानी विकास खंड की ग्राम पंचायत छपिया में अनियमितताओं की जांच पिछले साढ़े चार साल से लंबित है। जांच के लिए आवश्यक अभिलेख उपलब्ध न कराए जाने पर जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने चार ग्राम सचिवों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। यह मामला ग्राम पंचायत छपिया निवासी वशिष्ठ मणि तिवारी की शिकायत से जुड़ा है। उन्होंने करीब चार वर्ष पूर्व तत्कालीन प्रधान के खिलाफ अनियमितताओं की शिकायत दर्ज कराई थी। इस पर तत्कालीन जिलाधिकारी ने 18 नवंबर 2021 को जिला सेवायोजन अधिकारी और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के सहायक अभियंता को जांच अधिकारी नियुक्त किया था। जांच प्रक्रिया के दौरान, सहायक अभियंता ने 11 सितंबर 2023 को अवगत कराया कि एडीओ पंचायत भाटपाररानी द्वारा मूल दस्तावेज और अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं, जिससे जांच पूरी नहीं हो पा रही है। इस संबंध में पहले भी तैनात सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन अनुस्मारक के बावजूद न तो अभिलेख मिले और न ही कोई जवाब दिया गया। इस बीच, शिकायतकर्ता वशिष्ठ मणि तिवारी ने आईजीआरएस पोर्टल पर कई बार शिकायतें दर्ज कर जांच पूरी कराने की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए, डीडीओ ने अब वर्तमान में तैनात संबंधित ग्राम विकास अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। नोटिस पाने वालों में सदर विकास खंड में तैनात वीरेंद्र सिंह, लार में तैनात संदीप यादव, तथा भाटपाररानी में तैनात मनीष श्रीवास्तव और कुंवर धर्मेंद्र देव शामिल हैं। डीडीओ ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय के भीतर अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए और संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

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