देवरिया जिले में पुलिस और प्रशासन ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। VOIP कॉल के जरिए ठगी करने वाले एक गिरोह के ठिकाने को कुर्क कर दिया गया। यह कार्रवाई सदर कोतवाली क्षेत्र के रामगुलाम टोला स्थित संकट मोचन गली में की गई, जहां से संगठित तरीके से साइबर फ्रॉड का नेटवर्क संचालित हो रहा था। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, देवरिया के आदेश पर संबंधित मकान को सीज कर कुर्क किया गया। प्रशासन के अनुसार, कुर्क की गई संपत्ति की अनुमानित कीमत 31 लाख 31 हजार 680 रुपये आंकी गई है।जांच में पता चला कि आरोपी इसी मकान में रहकर VOIP तकनीक का उपयोग करता था। वह विदेशी या अन्य नंबरों से आने वाली कॉल को लोकल कॉल में बदलकर लोगों को भ्रमित कर उनसे ठगी करता था। इस काम के लिए मकान के अंदर तकनीकी उपकरणों का एक सेटअप तैयार किया गया था, जिसके जरिए बड़े पैमाने पर साइबर अपराध किए जा रहे थे। इस पूरे मामले की विवेचना महुआडीह थाना प्रभारी अमित कुमार राय ने की। जांच के दौरान साइबर ठगी के इस संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ। इसके बाद न्यायालय के आदेश पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 107(4) के तहत कुर्की की कार्रवाई की गई।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जनपद में साइबर अपराधियों के खिलाफ यह अपनी तरह की पहली बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। यह कार्रवाई साइबर अपराधियों को एक सख्त संदेश देती है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसे अपराधों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक और फर्जी मैसेज से सतर्क रहें। किसी भी प्रकार की ठगी की आशंका होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी थाने में सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

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