राष्ट्रीय दिव्यांग संघ की देवरिया जिला इकाई ने मंगलवार को मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से एक ज्ञापन सौंपा। इसमें दिव्यांगजनों की विभिन्न समस्याओं को उठाया गया, जिसमें मुख्य रूप से ई-रिक्शा चलाने वाले दिव्यांगजनों पर हो रही कार्रवाई और भारी चालान का मुद्दा शामिल था। संघ के अध्यक्ष सच्चिदानन्द वर्मा ने बताया कि जिले में बड़ी संख्या में दिव्यांगजन अपनी आजीविका चलाने के लिए ई-रिक्शा पर निर्भर हैं। हाल के दिनों में इन चालकों पर 600 रुपये से लेकर हजारों रुपये तक के चालान किए जा रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और बिगड़ रही है। ज्ञापन में मांग की गई है कि दिव्यांग ई-रिक्शा चालकों के लिए विशेष रूप से ई-रिक्शा हेतु ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया जाए। यदि यह संभव न हो, तो उनके वाहनों पर विशेष पहचान चिन्ह या लोगो लगाया जाए, ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सके। इसके अतिरिक्त, ई-रिक्शा बीमा में भी छूट देने की मांग की गई है। संगठन ने दिव्यांगजनों के व्यापक हितों से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे भी उठाए। इनमें दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 की जानकारी को सार्वजनिक स्थानों और पुलिस थानों में प्रदर्शित करना, सभी दिव्यांगजनों के लिए आयुष्मान कार्ड बनवाना और अंत्योदय राशन कार्ड सुनिश्चित करना शामिल है। इसके अलावा, मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल की पात्रता को 80 प्रतिशत से घटाकर 50 प्रतिशत करने की मांग की गई है। संघ का तर्क है कि इससे अधिक से अधिक दिव्यांगजन इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। संघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि इन समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो दिव्यांगजन आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने सरकार से इन मुद्दों पर संवेदनशीलता दिखाते हुए त्वरित कार्रवाई करने का आग्रह किया है।

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