देवरिया में ‘अमृत प्रयास’ समिट का आयोजन:जनभागीदारी से निवेश और पूर्वांचल के विकास पर मंथन
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देवरिया में ‘अमृत प्रयास’ समिट का आयोजन:जनभागीदारी से निवेश और पूर्वांचल के विकास पर मंथन
देवरिया में शशांक मणि के नेतृत्व में जनभागीदारी आधारित ‘अमृत प्रयास’ पहल के तहत एक तीन दिवसीय समिट का आयोजन किया गया। बरपार स्थित जागृति उद्यम केंद्र में 3 से 5 अप्रैल तक चले इस समिट में देश-विदेश के निवेशकों और उद्यमियों ने हिस्सा लिया। इसका उद्देश्य देवरिया, कुशीनगर सहित पूर्वांचल के विकास की संभावनाओं पर विचार-विमर्श करना था। समिट में विलियम बिसेल (फैबइंडिया), शीतल अरोड़ा (मैनकाइंड फार्मा) और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) सहित लगभग 40 निवेशकों ने भाग लिया। सांसद शशांक मणि ने ‘अमृत प्रयास’ की 10 वर्षीय रणनीति प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि यह पहल विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने निवेशकों को आश्वस्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पूर्वांचल में निवेश के लिए अनुकूल माहौल बनाया जा रहा है। समिट में ‘अमृत प्रयास’ के सात प्रमुख संकल्पों पर विशेष जोर दिया गया। इनमें एग्रो-प्रोसेसिंग, रोजगार सृजन, महिला उद्यमिता, पर्यटन-शिक्षा-स्वास्थ्य विकास, शहरीकरण, डिजिटल विस्तार और पर्यावरण संरक्षण शामिल हैं। विभिन्न सत्रों में निवेश बढ़ाने, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और युवाओं के लिए उद्यमिता आधारित अवसर पैदा करने पर चर्चा की गई। ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’, भूमि की उपलब्धता, स्वीकृतियाँ और प्रशासनिक सहयोग जैसे मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ। सम्मेलन में रक्षा, अंतरिक्ष और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला गया। समिट के दौरान एक ‘क्लोज्ड डोर इन्वेस्टर सर्किल’ का भी आयोजन किया गया। इसमें निवेशकों और नीति निर्माताओं ने भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा की। बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप, पीडब्ल्यूसी, सीमेंस, गेट्स फाउंडेशन और आईसीआईसीआई बैंक सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों के प्रतिनिधि इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे। इस समिट को पूर्वांचल में निवेश और विकास के नए अवसरों को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
Source: Dainik Bhaskar via DNI News
