परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की शैक्षिक दक्षता के आकलन के बाद शासन ने परिणाम घोषित कर दिया है। निपुण भारत मिशन के तहत हुए इस मूल्यांकन में देवरिया जनपद को प्रदेश में 19वां स्थान मिला है। मंडल स्तर पर जिले ने दूसरा स्थान हासिल किया है। बेसिक शिक्षा विभाग ने जिले के 1696 परिषदीय विद्यालयों में कक्षा एक और दो के बच्चों का आकलन कराया था। यह प्रक्रिया 27 जनवरी से 4 फरवरी तक डीएलएड प्रशिक्षुओं द्वारा पूरी की गई। आकलन के लिए ‘निपुण प्लस एप’ का उपयोग किया गया, जिसके माध्यम से बच्चों की पढ़ने, लिखने और गणितीय दक्षता को परखा गया। जिले में कुल 2121 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इस बार इनमें से 652 विद्यालयों को ‘निपुण’ घोषित किया गया है। शिक्षा विभाग ने इस प्रगति को सकारात्मक बताया है, हालांकि कुछ क्षेत्रों के प्रदर्शन को लेकर चिंता भी व्यक्त की गई है। मंडल में महाराजगंज ने पहला स्थान प्राप्त किया है, जबकि प्रदेश स्तर पर अलीगढ़ जिला शीर्ष पर रहा। देवरिया का मंडल में दूसरा स्थान संतोषजनक माना जा रहा है। हालांकि, भटनी विकास खंड और नगर क्षेत्र का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा। भटनी में केवल 14 और नगर क्षेत्र में महज 8 विद्यालय ही निपुण घोषित हो सके हैं। यह स्थिति शिक्षा विभाग के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। वहीं, अन्य विकास खंडों में बेहतर प्रदर्शन देखने को मिला। गौरी बाजार में सर्वाधिक 71 विद्यालय निपुण घोषित हुए। बैतालपुर में 60, भलुअनी और देवरिया सदर में 53-53, भाटपार रानी में 52 और भागलपुर में 46 विद्यालयों ने यह उपलब्धि हासिल की। रुद्रपुर, रामपुर कारखाना, लार, तरकुलवा, देसही देवरिया, सलेमपुर और बनकटा सहित अन्य क्षेत्रों में भी संतोषजनक प्रदर्शन दर्ज किया गया। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिन क्षेत्रों में प्रदर्शन कमजोर रहा है, वहां विशेष सुधारात्मक कार्यक्रम चलाए जाएंगे। शिक्षकों और प्रशिक्षुओं के सहयोग से बच्चों की बुनियादी शिक्षा को और मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा, ताकि आगामी आकलन में जिले की रैंकिंग में सुधार हो सके।

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