बदायूं की बिसौली कोतवाली में एक दृष्टिबाधित व्यक्ति के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा कथित अभद्रता का मामला सामने आया है। फरियादी को गाली-गलौज कर धक्के मारकर बाहर निकालने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रभारी निरीक्षक और एक दरोगा को निलंबित कर दिया है। पूरे प्रकरण की जांच क्षेत्राधिकारी बिसौली को सौंपी गई है। वजीरगंज थाना क्षेत्र के गांव नौली हरनाथपुर निवासी दृष्टिबाधित मोरपाल के अनुसार, 2 मार्च को उनके भतीजे के साथ सड़क हादसा हुआ था। घायल को जिला अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने मामले में कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया। लगातार टालमटोल करती रही। न्याय न मिलने पर मोरपाल दोबारा बिसौली कोतवाली पहुंचे थे। मामले की जांच जारी मोरपाल का आरोप है कि कोतवाली पहुंचने पर हल्का दरोगा भूपेंद्र यादव ने उनके साथ अभद्रता की और गाली-गलौज शुरू कर दी। इसके बाद प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र सिंह पुंडीर भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने भी कथित तौर पर अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हुए मोरपाल को अपमानित किया। धक्के मारकर कोतवाली से बाहर निकाल दिया। इस घटना का किसी ने वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। मोरपाल ने इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी दर्ज कराई थी। लेकिन वहां से कोई राहत नहीं मिली थी। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया और तत्काल प्रभाव से प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र सिंह पुंडीर तथा दरोगा भूपेंद्र यादव को निलंबित कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच जारी है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

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