देवरिया में वाराणसी-भटनी रेल खंड पर चलती ट्रेन में एनसीसी कैडेट से दुष्कर्म के आरोपी टीटीई को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। आरोपी टीटीई राहुल कुमार पटना की एक जेल में बंद मिला, जबकि गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (जीआरपी) की छह टीमें उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही थीं। जानकारी के मुताबिक, आरोपी टीटीई राहुल कुमार उत्तर प्रदेश पुलिस से बचने के लिए बिहार चला गया था। वहां उसे शराब के एक मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। हैरानी की बात यह है कि उसकी गिरफ्तारी के लगभग 20 दिन बाद तक भी जीआरपी को इसकी जानकारी नहीं थी। इस अवधि में जीआरपी की टीमें देवरिया, गोरखपुर, वाराणसी और पटना सहित कई जगहों पर दबिश दे रही थीं, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। यह मामला मऊ की एक एनसीसी कैडेट से संबंधित है, जो गोरखपुर में रहकर सेना भर्ती की तैयारी कर रही थी। 15 फरवरी को वह एक परीक्षा के लिए मऊ गई थी। वहां से लौटते समय वह अहमदाबाद-गोरखपुर एक्सप्रेस में बिना टिकट सवार हो गई। आरोप है कि एसी प्रथम श्रेणी कोच में मौजूद टीटीई राहुल कुमार ने टिकट जांच के बहाने उसे सीट दिलाने का झांसा दिया। इसके बाद वह उसे केबिन में ले गया, दरवाजा बंद कर दिया और दुष्कर्म किया। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया था। इस मामले में जीआरपी देवरिया ने मुकदमा दर्ज किया। उसकी गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ और एसओजी सहित छह टीमें गठित की गईं। आरोपी पर 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। इसी दौरान जीआरपी को सूचना मिली कि आरोपी बिहार में शराब के साथ पकड़ा गया है और उसे जेल भेज दिया गया है। जीआरपी थाना प्रभारी अभिषेक पांडेय ने बताया कि आरोपी को रिमांड पर लेकर देवरिया लाया जाएगा और उससे गहन पूछताछ की जाएगी। पुलिस ने कहा कि मामले की जांच जारी है और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए सभी आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

Leave a Reply