बाराबंकी के हैदरगढ़ तहसील मुख्यालय सभागार में एसडीएम हैदरगढ़ की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित हुआ। इसमें सुबेहा थाना क्षेत्र के इस्माइलपुर गांव से पहुंची दिव्यांग मिथिलेश कुमारी समेत दो महिलाओं ने न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने मारपीट और पुलिस द्वारा सुनवाई न करने की शिकायत की, जिस पर एसडीएम ने कार्रवाई के निर्देश दिए। मिथिलेश कुमारी ने बताया कि 22 मार्च की शाम करीब 6 बजे वह गांव के तालाब के पास अपनी बच्ची के साथ बकरी चरा रही थीं। इसी दौरान गांव की एक महिला ने पेड़ चराने को लेकर विवाद किया और उन्हें थप्पड़ों से पीटना शुरू कर दिया। बचाव करने पहुंची दिव्यांग महिला को भी गालियां दी गईं और मारपीट की गई। ग्रामीणों के आने पर आरोपी महिला मौके से भाग गई।
मिथिलेश कुमारी का आरोप है कि घटना के बाद वह थाने पहुंचीं, लेकिन पुलिस ने तहरीर लेने के बाद घंटों बैठाए रखा और अगले दिन आने को कहा। अगले दिन जब वह दोबारा थाने पहुंचीं, तो उन्हें डांटकर भगा दिया गया। उनकी न तो रिपोर्ट दर्ज की गई और न ही मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसी समाधान दिवस में गांव की एक अन्य महिला सफरीन बानो ने भी शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि दो दिन पहले रात में एक महिला ने उनके घर के पास पत्थर फेंका, जिससे वह बाल-बाल बचीं। इसके अगले दिन फिर गाली-गलौज करते हुए उनका मोबाइल डंडा मारकर तोड़ दिया गया। सफरीन बानो ने बताया कि थाने में शिकायत करने पर पुलिस ने उनकी बात सुनने के बजाय फटकार लगाई और कोई कार्रवाई नहीं की। दोनों मामलों को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम हैदरगढ़ ने थाना प्रभारी को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के सख्त निर्देश दिए हैं।

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