बेगूसराय के लाल IPS विकास वैभव की ओर से शुरू किए गए लेट्स इंस्पायर बिहार अभियान ने आज तालकटोरा स्टेडियम में बिहार डेवलपमेंट समिट का आयोजन किया। यह आयोजन विकसित भारत @ 2047 के तहत विकसित बिहार के निर्माण के दृष्टिकोण को समर्पित किया गया था। देश और विदेश से प्रतिनिधियों की सहभागिता के साथ इस समिट ने अभियान के विस्तृत होते दायरे, विश्वसनीयता और राष्ट्रीय प्रासंगिकता को रेखांकित किया। बता दें कि हर जिले में 5 स्टार्ट अप का लक्ष्य है। वहीं, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने इस कार्यक्रम में कहा है कि देश की प्रगति के लिए बिहार का विकास जरुरी है। कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने किया। मौके पर बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा और बिहार सरकार के उद्योग एवं पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल उपस्थित थे। समिट का नेतृत्व लेट्स इंस्पायर बिहार के मुख्य संरक्षक विकास वैभव ने किया। मंगलाचरण के साथ दीप प्रज्वलन कर समिट का शुभारंभ किया गया, जो बिहार के पुनरुत्थान के लिए सामूहिक संकल्प का प्रतीक बना। स्वागत भाषण में विकास वैभव ने कहा कि 12 जनवरी 2021 को पटना में मात्र तीन लोगों ने अभियान की शुरूआत करते हुए संकल्प लिया था कि तीन विश्वास करते हैं, तो कल हजारों करेंगे। आज 3.5 लाख से अधिक लोग इस अभियान से जुड़े हुए हैं। यह आयोजन बिहार के विकास में योगदान के लिए प्रतिबद्ध व्यक्तियों का संगम है। उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति परिवर्तन के संकल्प का प्रतिनिधित्व करता है। बिहारी शब्द का अपमानजनक रूप से प्रयोग कर उनका उपहास किया जाता था। एलआईबी लोगों को एकजुट करने का प्रयास करता है आखिर नालंदा, विक्रमशिला, वैशाली, विश्व के प्रथम गणतांत्रिक गणराज्य, और शून्य की अवधारणा देने वाली भूमि को कलंकित कैसे किया जा सकता है। उसी अनुभव ने बिहार की अस्मिता को पुनर्स्थापित करने के उनके संकल्प को आकार दिया। प्राचीन काल में भी जातियां थी, परंतु आज दिखाई देने वाला कठोर और विनाशकारी जातिवाद उस समय समाज की परिभाषा नहीं था। ऐसा क्रूर जातिवाद होता, तो बिहार में नंद वंश का उदय संभव न होता। ऐसे विभाजन हावी होते, तो चाणक्य नेतृत्व गढ़ते समय संकीर्ण पहचानों से परे खोज न करते। एलआईबी जाति, समुदाय, धर्म और लिंग से परे लोगों को एकजुट करने का प्रयास करता है। कोई बाहरी व्यक्ति बिहार को परिवर्तित नहीं करेगा, इसकी जिम्मेदारी स्वयं बिहारवासियों को लेनी होगी। लक्ष्य ऐसा बिहार बनाना है जहां स्वास्थ्य, शिक्षा या रोजगार के लिए किसी को पलायन न करना पड़े। इसके लिए पंचायत तक पहुंचने वाली स्टार्ट-अप क्रांति और बचपन से ही उद्यमशील आकांक्षा का विकास आवश्यक है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि भारत की समग्र प्रगति के लिए बिहार का विकास जरूरी है। बिहार ऐतिहासिक रूप से भारत का बौद्धिक और सभ्यतागत केंद्र रहा है और अब उसे देश के आर्थिक और औद्योगिक परिदृश्य में अपना यथोचित स्थान फिर से हासिल करना चाहिए। उन्होंने वस्त्र, सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम और ग्रामीण उद्योग जैसे क्षेत्रों में विशाल रोजगार सृजन क्षमता की ओर संकेत किया। लेट्स इंस्पायर बिहार एक रचनात्मक और दूरदर्शी पहल है, जो लोगों को विकास की जिम्मेदारी लेने के लिए प्रेरित कर लोकतांत्रिक भावना को सुदृढ़ करती है। विकास वैभव के दृष्टिकोण और धैर्य की प्रशंसा की उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने एक समान विकास लक्ष्य के तहत तीन लाख से अधिक लोगों को संगठित करने के लिए विकास वैभव के दृष्टिकोण और धैर्य की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि लेट्स इंस्पायर बिहार सामाजिक समरसता व आर्थिक आत्मनिर्भरता पर आधारित सकारात्मक नागरिक जागरण का प्रतिनिधित्व करता है। पारदर्शी शासन और संरचनात्मक सुधार बिहार के रूपांतरण की आधारशिला हैं। लंबित भूमि और राजस्व विवादों के समाधान के लिए व्यवस्थित प्रयास किए जा रहे हैं। क्योंकि भूमि स्वामित्व की स्पष्टता और प्रशासनिक दक्षता औद्योगिक निवेश और स्टार्ट-अप विस्तार के लिए अनिवार्य पूर्वशर्त हैं। उन्होंने पंचायत स्तर तक उद्यमिता पर एलआईबी के बल की सराहना की और औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन व सामाजिक एकता को बढ़ावा देने वाली पहलों में पूरा सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जब नागरिक अभियान शासन सुधारों के साथ संरेखित होते हैं, तब परिवर्तनकारी बदलाव संभव होता है। उद्योग एवं पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने बिहार डेवलपमेंट समिट 2026 को एक गंभीर और नीतिनिष्ठ मंच बताया, जो सरकार के विकास एजेंडा का पूरक है। उन्होंने कहा कि लेट्स इंस्पायर बिहार ने उद्यमियों, नीति-निर्माताओं और युवाओं को जोड़ने वाला एक संरचित तंत्र विकसित किया है। औद्योगिक विस्तार और सड़क अवसंरचना विकास को समानांतर रूप से आगे बढ़ाना आवश्यक है। जिससे एक सतत आर्थिक ढांचा बन सके। उन्होंने निवेशक अनुकूल नीतियों, बेहतर संपर्कता और स्टार्ट-अप प्रोत्साहन पर बिहार सरकार के ध्यान को पलायन रोकने और स्थानीय रोजगार सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। कहा कि उद्यमिता आधारित विकास आत्मनिर्भर बिहार के निर्माण की कुंजी है और प्रत्येक जिले में पांच स्टार्ट अप स्थापित करने के एलआईबी के दृष्टिकोण को सरकार के औद्योगिक रोडमैप के अनुरूप है। विकसित बिहार @ 2047 के लक्ष्य को आगे बढ़ाने वाली पहलों को निरंतर नीतिगत समर्थन करते रहेंगे। बिहार ने सकारात्मक ऊर्जा को विकास अभियान में रूपांतरित किया खगड़िया के सांसद राजेश वर्मा ने बिहार डेवलपमेंट समिट 2026 के पैमाने और गंभीरता की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास युवाओं और उद्यमियों में विश्वास निर्माण के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि लेट्स इंस्पायर बिहार ने सकारात्मक ऊर्जा को एक संरचित विकास अभियान में रूपांतरित किया है। राजेश वर्मा ने विकास वैभव की प्रतिबद्धता की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह अभियान बिहार की पहचान पर गर्व जगाने के साथ रोजगार और औद्योगिक विकास के लिए व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत कर रहा है।
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