दिगंबर जैन संप्रदाय के त्यागी संत 2000 किलोमीटर की नग्न पदयात्रा पर हैं। यह यात्रा अयोध्या से शुरू होकर झारखंड तक जाएगी। संत हाल ही में रायबरेली पहुंचे, जहां उन्होंने जैन धर्म के सर्वोच्च तीर्थ अयोध्या में भगवान ऋषभनाथ और अन्य तीर्थंकरों के दर्शन का उद्देश्य बताया।संतों ने जानकारी दी कि उन्होंने अब तक 1000 किलोमीटर की दूरी पैदल तय कर ली है। रायबरेली से आगे लगभग 800 किलोमीटर की यात्रा शेष है। उनका लक्ष्य अप्रैल के अंत तक झारखंड स्थित अपने गंतव्य तक पहुंचना है। ये संत निरंतर नग्न अवस्था में रहते हैं, बिना किसी वस्त्र या साधन के केवल पैदल चलते हैं। उन्होंने घर-परिवार और सुख-सुविधाओं का पूर्ण त्याग कर धर्म-भ्रमण को ही अपना जीवन बना लिया है। रायबरेली में स्थानीय जैन समाज और श्रावकों ने उनका भव्य स्वागत किया। संतों ने शहरवासियों को जैन धर्म की महिमा, अहिंसा, त्याग और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। अयोध्या को जैन धर्म में अत्यंत पवित्र स्थान माना जाता है, क्योंकि यह भगवान आदिनाथ (ऋषभदेव) की जन्म और निर्वाण स्थली है।संतों के अनुसार, अयोध्या दर्शन के बिना जैन धर्म की यात्रा अधूरी है। अयोध्या पहुंचने के बाद यह पदयात्रा झारखंड के विभिन्न जैन तीर्थों की ओर बढ़ेगी। यह यात्रा न केवल जैन समाज के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए त्याग और धार्मिक समर्पण का एक अनुपम उदाहरण है।

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