वाराणसी के दालमंडी गली प्रोजेक्ट में एक बार फिर से तेजी आयी है। रविवार को पीडब्ल्यूडी ने दालमंडी में बड़ी कार्रवाई करते हुए 30 मकानों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कराई थी। इसमें कई मकान अभी छूट गए हैं। जिनपर आज यानी सोमवार को कार्रवाई की जाएगी। आज भी दालमंडी में बुलडोजर और हथौड़े की आवाज गूंजेगी। ऐसे में 300 पुलिसकर्मी तैनात किए गई है। जिसमें RRF के जवान भी मुस्तैद रहेंगे। दरअसल, दालमंडी गली को मॉडल सड़क के रूप में विकसित किया जाना है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने 51वें काशी दौरे पर इसका शिलान्यास किया था। इसके लिए राज्य सरकार की तरफ से 215.88 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। 186 घर और दुकान मालिकों को 191 करोड़ रुपए मुआवजे के रूप में दिए जाएंगे। पीडब्ल्यूडी के अफसरों के मुताबिक, नई सड़क से लेकर चौक थाने तक 650 मीटर लंबी दालमंडी गली को 60 फीट चौड़ा किया जाना है। इसमें 30 फीट की सड़क और दोनों तरफ 15-15 फीट की पटरी होगी। इसके अंदर बिजली, सीवर और पानी की व्यवस्था अंडरग्राउंड की जाएगी। तारों का जंजाल साफ किया जाएगा। देखिये रविवार को हुई कार्रवाई की तस्वीरें… आज भी गरजेगा पीडब्ल्यूडी की बुलडोजर दालमंडी गली में रविवार को ध्वस्तीकरण अभियान एक बार फिर शुरू हो गया। इस अभियान के दौरान पीडब्ल्यूडी विभाग ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के सहयोग से करीब 20 मकानों पर कार्रवाई की। सभी पर ध्वस्तीकरण का कार्य सोमवार सुबह से शुरू हो गया है। चिह्नित 30 में से दस मकानों पर आज कार्रवाई की जाएगी। जिसे लेकर अधिकारी मुस्तैद हैं और पुलिस कर्मी लगाए गए हैं। तोड़े जा चुके हैं 50 से अधिक मकान दालमंडी प्रोजेक्ट को मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अधिकारियों ने मिशन बनाकर करना शुरू किया है। ऐसे में अभी तक 50 से अधिक मकान दालमंडी में तोड़े जा चुके हैं। जिसमें 22 मकान नगरनिगम द्वारा जर्जर घोषित किए गए हैं। इनमे से कई जमीदोज हो चुके हैं तो कुछ को अभी भी तोड़ा जा रहा है। दुकानदारों ने फिर से स्थापित करने की उठाई मांग रविवार को शुरू हुई कार्रवाई के दौरान स्थानीय निवासी आदिल खान बोले- मेरा एक मकान पहले ही टूट चुका है। दूसरे पर आज हाथ लगाने पहुंचे हैं ये लोग। हमने उन्हें रोकने की बहुत कोशिश की। लेकिन एकदम से धावा बोला दिया। हम लाखों-लाखों की दुकान लेकर बैठे हैं। हम भीख मांगेगे क्या। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में हम लोग बैठे हैं। आप रोजगार देंगे या हमें भिखारी बनाएंगे। मोदी जी एक बार हम लोगों के दुख-दर्द को समझे। हमसे बात करें। जिस तरह और राजनीतिक पार्टियां आ रही हैं हमसे बात करने। हम लोगों ने ही आपको जिताया है। आप सांसद सबके हैं। आप हमें स्थापित कीजे। अब जानिए क्या है दालमंडी प्रोजेक्ट… वाराणसी की दालमंडी गली को मॉडल सड़क के रूप में विकसित किया जाना है। प्रधानमंत्री ने अपने 51वें काशी के दौरे पर इस कार्य का शिलान्यास किया था। इसके लिए राज्य सरकार की तरफ से 215.88 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। 186 भवन, दुकान स्वामियों को 191 करोड़ रुपए मुआवजा के रूप में दिए जाएंगे। 60 फुट चौड़ी होगी सड़क पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के अनुसार नई सड़क से लेकर चौक थाने तक 650 मीटर की दाल मंडी गली को 60 फुट चौड़ा किया जाना है। इसमें 30 फुट की सड़क और दोनों तरफ 15-15 फुट की पटरी होगी। इसके अंदर बिजली, सीवर और पानी की व्यवस्था अंडरग्राउंड की जाएगी। यहां तारों का जंजाल साफ किया जाएगा। 220 करोड़ से बनेगी 650 मीटर लंबी सड़क नई सड़क से चौक थाने तक गई दालमंडी की कुल लंबाई 650 मीटर है। इस सड़क को 17.5 मीटर चौड़ा करने का मसौदा पास हो चुका है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतिम दिन 215 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ और 2 करोड़ रुपए रिलीज भी कर दिए गए। पीडब्ल्यूडी की टीम ने कहां कितनी सड़क चौड़ी है, कौन सा मकान कितनी जद में आ रहा है, 181 घरों की नपाई के बाद उनकी रजिस्ट्री शुरू हुई और ध्वस्तीकरण का कार्य शुरू हुआ है। इसके अलावा इसमें 6 मस्जिदें भी हैं। PWD के अधिकारियों ने डेटा तैयार किया। इस डेटा के हिसाब से मुआवजे का आकलन किया गया था। जो लगभग 191 करोड़ रुपए हैं। अभी तक 46 मकानों की रजिस्ट्री हो चुकी है। धीरे-धीरे मकानों का ध्वस्तीकरण किया जा रहा है।

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