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दादा, बेटे-बहू और पोती का एक साथ अंतिम संस्कार:नाती के शव को औरैया भेजा, आगरा में सड़क हादसे में 5 की हुई थी मौत

इटावा के एक परिवार के 5 लोगों की आगरा में सड़क हादसे में मौत हो गई थी। सभी केला देवी दर्शन कर लौट रहे थे। आगरा-इटावा मार्ग पर गुरुवार रात बोलेरो पेड़ से टकरा गई थी। हादसे में चार लोग घायल हो गए थे। शुक्रवार शाम सभी शव इटावा पहुंचे। यहां नम आंखों से यमुना घाट पर दादा, बेटे-बहू और पोती का अंतिम संस्कार किया गया। वहीं नाती के शव को औरैया उसके घर भेजा गया। इकदिल क्षेत्र के नगला वर गांव निवासी पूर्व फौजी 70 वर्षीय कामता प्रसाद अपने परिवार के साथ 18 मार्च को दो गाड़ियों से केला देवी मेले में दर्शन करने गए थे। गुरुवार देर रात लौटते समय आगरा जिले के थाना चित्राहट क्षेत्र में गांव पाई के पास उनकी बोलेरो अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े सूखे पेड़ से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि गाड़ी के परखच्चे उड़ गए और मौके पर ही पांच लोगों की जान चली गई। मृतकों में दादा, बेटा, बहू और मासूम शामिल हादसे में कामता प्रसाद, उनके मझले पुत्र देवेंद्र, बहू सीमा देवी, करीब साढ़े तीन साल की पोती आराध्या और नाती अभिनव उर्फ ऋषि की मौत हो गई। यह सभी एक ही परिवार के सदस्य थे। वहीं हादसे में रिषभ, रश्मी, आदित्य और चालक अवनीश समेत चार लोग घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। इलाज के बाद बच्चों की हालत में सुधार होने पर उन्हें घर भेज दिया गया। बेटी नहीं जाना चाहती थी, लेकिन साथ ले गए छोटे बेटे नीरज ने बताया कि उनकी बेटी आराध्या मेले में जाने के लिए तैयार नहीं थी और रूठकर घर में सो गई थी। लेकिन ताऊ देवेंद्र के कहने पर उसे जगाकर साथ ले जाया गया। परिवार ने पिनाहट में रुककर नाश्ता किया, जिसके बाद भांजे रिषभ ने गाड़ी चलानी शुरू की और ड्राइवर पीछे बैठ गया। कुछ ही दूरी पर गाड़ी अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई और पूरा परिवार तबाह हो गया। दूसरी गाड़ी में बैठे परिजन बने गवाह परिवार के अन्य सदस्य दूसरी गाड़ी में सवार थे। उन्होंने ही हादसे की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही थाना चित्राहट पुलिस मौके पर पहुंची और सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। घायलों को सैफई मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज हुआ। यमुना घाट पर नम आंखों से अंतिम संस्कार शुक्रवार शाम सभी शव इटावा पहुंचे, जिसके बाद नम आंखों से यमुना नदी के घाट पर एक ही परिवार के चार लोगों का अंतिम संस्कार किया गया। पति-पत्नी की चिता एक साथ जली, जिसे देखकर हर कोई भावुक हो गया। वहीं नाती के शव को औरैया जिले में उसके घर भेजा गया, जहां उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा। पूरे गांव में गहरा शोक छा गया। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी अंतिम संस्कार के दौरान श्मशान घाट पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ कई राजनीतिक दलों के नेता भी पहुंचे। इनमें सपा जिला अध्यक्ष प्रदीप शाक्य, भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष संजीव राजपूत, सर्वेश शाक्य, गोपाल यादव, बृज मोहन राजपूत, विकास भदौरिया, कुलदीप गुप्ता और अविनाश कुशवाह समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे। वहीं प्रशासन की ओर से एसडीएम सदर विक्रम सिंह राघव, सीओ सिटी अभय नारायण राय और लेखपाल रामकुमार बरुआ भी मौके पर मौजूद रहे और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

Source: Dainik Bhaskar via DNI News (Prayagraj)

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