फर्रुखाबाद में कायमगंज थाना क्षेत्र के चर्चित दहेज हत्या मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (त्वरित न्यायालय संख्या-01) संजय कुमार ने पति सहित तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषियों को सात वर्ष के कारावास और छह हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर दो महीने के अतिरिक्त कारावास का प्रावधान किया गया है। कोतवाली कायमगंज के गांव अताईपुर जदीद निवासी राजेश कुमार ने सीजेएम कोर्ट में एक प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें उन्होंने बताया कि उनकी बेटी रिंकी की शादी 3 फरवरी 2005 को गांव रायपुर खास निवासी बबलू से हुई थी। शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा दहेज में 20 हजार रुपये, एक रंगीन टीवी और एक भैंस की मांग की जा रही थी। दहेज की मांग पूरी न होने पर रिंकी को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। 10 जून 2007 को आरोपियों ने दहेज की मांग पूरी न होने पर रिंकी को जहर देकर मार डाला। घटना के बाद पुलिस ने तत्काल प्राथमिकी दर्ज नहीं की थी, जिसके बाद वादी राजेश कुमार ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। अदालत के आदेश पर पुलिस ने पति बबलू उर्फ प्रमोद कुमार उर्फ विनोद कुमार, देवर प्रदीप कुमार, ससुर प्रेमचंद्र और सास हीरा देवी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना शुरू की। विवेचना के बाद आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान ससुर प्रेमचंद्र की मृत्यु हो जाने के कारण उनके विरुद्ध कार्रवाई समाप्त कर दी गई। अभियोजन पक्ष ने महिला के पिता, माता सहित कुल आठ गवाह पेश किए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, पंचायतनामा, एफआईआर सहित अन्य दस्तावेज साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किए गए। साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया।

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