कुशीनगर में 7 वर्षीय मासूम से दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में कोर्ट ने आरोपी पिंटू उर्फ कोयल को फांसी की सजा सुनाई है। कोर्ट ने इस जघन्य अपराध को रेयरेस्ट ऑफ रेयर श्रेणी में रखते हुए कड़ी टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा, यह घटना न केवल न्यायिक चेतना को झकझोरती है, बल्कि पूरे समाज को स्तब्ध कर देती है।
पढ़िए पूरा मामला… घटना 22 फरवरी की शाम की है। जटहा बाजार थाना क्षेत्र में मासूम गांव में डीजे देखने गया था, जहां से आरोपी चाचा उसे बहला-फुसलाकर ले गया। इसके बाद उसके साथ दुष्कर्म कर हत्या कर दी गई। साक्ष्य छिपाने के लिए शव को बांस के बखार में फेंक दिया गया था। वहीं जांच में सामने आया कि आरोपी, जो बच्चे का रिश्ते का चाचा था। उसे बहला-फुसलाकर सुनसान स्थान पर ले गया। इसके बाद घटना को अंजाम दिया। पहचान छिपाने के लिए उसने बच्चे की हत्या कर दी। आरोपी की निशानदेही पर अहम साक्ष्य बरामद हुए। फॉरेंसिक रिपोर्ट में दुष्कर्म और हत्या की पुष्टि हुई। 15 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। मामले की सुनवाई तेजी से पूरी की गई। उसके बाद कोर्ट ने मामले को रेयरेस्ट ऑफ रेयर मानते हुए आदेश दिया कि आरोपी को फांसी पर तब तक लटकाया जाए, जब तक उसकी मौत न हो जाए। तेज सुनवाई करते हुए अदालत ने महज 13 कार्यदिवस में सजा सुनाकर एक मिसाल पेश की। कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में कड़ी सजा से ही समाज में भय पैदा होगा और अपराधों पर अंकुश लगेगा।

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