जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सुपौल द्वारा आगामी 14 मार्च 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारी को लेकर गतिविधियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में रविवार दोपहर 12:30 बजे एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता प्राधिकार के सचिव अफजल आलम ने की। बैठक में जिले के सभी पैरालीगल वॉलिंटियर्स (पीएलवी) शामिल हुए। बैठक के दौरान सचिव अफजल आलम ने राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए पीएलवी की भूमिका को अहम बताते हुए उन्हें सक्रिय रूप से कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि लंबित मामलों की पहचान कर समय पर नोटिस जारी करना प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि अधिक से अधिक मामलों का निष्पादन लोक अदालत के माध्यम से संभव हो सके। प्राधिकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 21 फरवरी तक कुल 2600 नोटिस संबंधित पक्षकारों को भेजे जा चुके हैं। इन नोटिसों में सिविल, पारिवारिक, बैंक ऋण, मोटर दुर्घटना दावा, आपसी विवाद सहित विभिन्न श्रेणियों के मामले शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि नोटिस भेजने की प्रक्रिया लगातार जारी है और आगामी एक सप्ताह के भीतर लंबित मामलों की संख्या और चिन्हित कर नोटिस तैयार किए जाएंगे। सचिव अफजल आलम ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को सुलभ, त्वरित और निशुल्क न्याय उपलब्ध कराना है। लोक अदालत के माध्यम से मामलों का निपटारा आपसी सहमति से होता है, जिससे न्यायालयों पर लंबित मामलों का बोझ भी कम होता है और पक्षकारों के समय व धन की बचत होती है। बैठक के अंत में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सुपौल की ओर से आम जनता से अपील की गई कि वे अपने लंबित मामलों के शीघ्र समाधान के लिए राष्ट्रीय लोक अदालत का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। अधिकारियों ने भरोसा जताया कि सभी संबंधित विभागों के सहयोग से इस बार भी राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाया जाएगा।
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