DniNews.Live

त्योहारों से पहले लेसा में 56 संविदा कर्मियों की छंटनी:वर्टिकल व्यवस्था” के नाम पर हटाए गए, मानदेय भी नहीं बढ़ाएगा पावर कारपोरेशन

विद्युत वितरण निगम (लेसा) से “वर्टिकल व्यवस्था” के नाम पर 56 संविदा/आउटसोर्स कर्मियों को एक झटके में नौकरी से हटा दिया गया। इससे पहले भी लगभग 200 संविदा कर्मियों की छंटनी हो चुकी है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने इस छंटनी को अन्यायपूर्ण और कर्मचारी विरोधी कदम बताया है। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि त्योहारों के समय निर्बाध बिजली आपूर्ति की जरूरत है, लेकिन इस छंटनी से कर्मचारियों का मनोबल पूरी तरह टूट गया है। प्रबंधन जानबूझकर कर्मचारियों का उत्पीड़न कर रहा है। मुख्यमंत्री की ओर से 1 अप्रैल से आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय में बढ़ोतरी का ऐलान किया गया है, लेकिन पावर कॉर्पोरेशन, डिस्कॉम और अन्य ऊर्जा निगमों के संविदा कर्मियों को इसका लाभ नहीं मिलेगा। यह साफ भेदभाव है। संघर्ष समिति ने बताया कि 19 दिसंबर को पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन ने शासन को पत्र लिखकर संविदा कर्मियों को आउटसोर्स निगम से अलग रखने की मांग की थी। उसी रवैये के तहत अब मनमानी छंटनी की जा रही है। मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की मांग संघर्ष समिति ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर फौरन हस्तक्षेप करने की अपील की है। प्रमुख मांगों में पावर कॉर्पोरेशन, सभी डिस्कॉम और ऊर्जा निगमों के संविदा/आउटसोर्स कर्मियों पर भी 1 अप्रैल से मानदेय वृद्धि का आदेश तुरंत लागू किया जाए। वर्टिकल व्यवस्था” के नाम पर हो रही छंटनी पर रोक लगाई जाए । 56 कर्मियों समेत सभी निष्कासित संविदा कर्मचारियों को तुरंत बहाल किया जाए कर्मचारियों का शोषण हुआ तो त्योहार में प्रभावित होगी बिजली समिति ने साफ कहा है कि यदि कर्मचारियों के साथ हो रहे इस अन्याय को तुरंत नहीं रोका गया तो बिजली कर्मियों का आक्रोश और बढ़ेगा। त्योहारों के समय बिजली व्यवस्था प्रभावित होगी। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में चल रहे आंदोलन के 478 दिन पूरे हो चुके हैं।

Source: Dainik Bhaskar via DNI News (Prayagraj)

Puri Khabar Yahan Padhein…

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *