वाराणसी जिले के आराजी लाईन क्षेत्र के तेंदुई गांव में स्थित वरुणा नदी के तट पर बाबा अमीलहा डीह का वार्षिक श्रृंगार और पूजन उत्सव चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन रविवार को संपन्न हुआ। इस अवसर पर बाबा के दरबार में दर्शन-पूजन के लिए दर्जनों गांवों से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बाबा अमीलहा डीह के दरबार में ‘कड़हिया पूजन’ की विशेष परंपरा है। मान्यता है कि शुद्ध देशी घी में हलवा-पूरी बनाकर भोग लगाने से बाबा प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं। इसे स्थानीय भाषा में ‘कड़हिया चढ़ाना’ भी कहा जाता है। रविवार को सुबह से ही हजारों महिलाओं ने खुले आसमान के नीचे मिट्टी के चूल्हे पर पूरी निष्ठा के साथ प्रसाद तैयार किया। दोपहर तक मंदिर परिसर और आसपास का इलाका कड़हिया पूजन करने वाली महिलाओं से खचाखच भर गया। उत्सव के लिए बाबा धाम को फूलों और विद्युत झालरों से सजाया गया था। नव युवा समिति और ग्रामीणों के सहयोग से मंदिर प्रांगण में अखंड हरिकीर्तन का आयोजन किया गया, जिससे वातावरण भक्तिमय हो गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की कड़ी में मिर्जापुर की प्रसिद्ध बिरहा गायिका सरोज सरगम ने अपने गायन से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। मुख्य संयोजक अवधु बाबा, केशव यादव और पुजारी श्यामबिहारी मिश्र (धुजा महाराज) ने विधि-विधान से पूजन संपन्न कराया और भक्तों को प्रसाद वितरित किया। हालांकि, इस दौरान बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण श्रद्धालुओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बाबा धाम को जाने वाला संपर्क मार्ग जर्जर होने के कारण आवागमन में भारी दिक्कतें आईं। भीषण गर्मी के बीच प्यास बुझाने के लिए लगे हैंडपंपों से गंदा और दूषित पानी निकल रहा था, जिससे श्रद्धालुओं को पानी के लिए भटकना पड़ा।

Leave a Reply