विकास वत्स साइबर पुलिस को झारखंड का साइबर फ्रॉड मयंक भास्कर की तलाश है। अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग गिरोह के पकड़े गए बदमाश तनवीर आलम उर्फ हैदर से पूछताछ में पुलिस को सूचना मिली कि मयंक भास्कर छतौनी के भवानी होटल में रुका है। इसके बाद पुलिस ने छापेमारी की। हालांकि, पुलिस की भनक लगते ही मयंक भाग निकला। पुलिस ने होटल से संदिग्ध सामान व कागजात बरामद किए हैं। इसकी जांच चल रही है। साइबर पुलिस मयंक की गिरफ्तारी के लिए झारखंड जाएगी। हैदर सोशल मीडिया के माध्यम से मयंक के संपर्क में आया था। धीरे-धीरे दोनों के बीच दोस्ती गहरी होती चली गई। साठ-गांठ होने के बाद दोनों ने बिहार व झारखंड में साइबर रैकेट को फैलाना शुरू कर दिया। पुलिस को जानकारी मिली है कि साइबर फ्रॉड का रुपए निकासी के लिए एटीएम, मोबाइल नंबर आदि उपलब्ध कराता था मयंक भास्कर। कई बार तनवीर झारखंड गया है, तो मयंक भास्कर मोतिहारी आया है। मयंक की गिरफ्तारी के बाद तनवीर के बीच रिश्तों की गहराईयों का पता चल पाएगा। तनवीर से पूछताछ चल रही है। साइबर पुलिस भवानी होटल की संदिग्ध गतिविधियों की जांच कर रही है। होटल संचालक का आधार कार्ड समेत होटल का रजिस्टर इंट्री मंगाया गया है। इससे पता चल पाएगा कि मयंक भास्कर इससे पहले भी उक्त होटल में रुका था। कई बार झारखंड गया था तनवीर तनवीर कई बार झारखंड गया था। जहां उसने मयंक के साथ मिलकर साइबर क्राइम की बारीकियां सीखी। इसके बाद वह फ्रॉड का रुपए निकाल दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर करने के कार्य में माहिर हो गया। जिनता भी वह रुपए रुपए निकासी व ट्रांसफर करता था, उस पर उसे 14 परसेंट कमीशन मिलता था। दोनों मिलकर बिहार व झारखंड में सिंडिकेट चलाते थे।
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