हरदोई में अखिल भारतीय साहित्य परिषद की इकाई ने सी.एस.एन. (पीजी) कॉलेज में नवसंवत्सर और नवरात्र कार्यक्रम आयोजित किया। इस अवसर पर जनपद के प्रतिष्ठित साहित्यकार डॉ. सन्तोष पाण्डेय (सवायजपुर) को ‘वरिष्ठ साहित्यकार सम्मान’ से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में ‘नवसंवत्सर एवं नवरात्र का महत्व’ विषय पर एक विचार गोष्ठी भी हुई। इसमें वक्ताओं ने भारतीय संस्कृति, परंपरा और नारी शक्ति के महत्व पर अपने विचार रखे। परिषद के अध्यक्ष डॉ. ब्रह्मस्वरूप पाण्डेय ने नवसंवत्सर की वैज्ञानिकता और वैदिक आधार पर विस्तृत चर्चा की। डॉ. ईश्वर चन्द्र वर्मा ने नवरात्र के अवसर पर नारी सम्मान पर जोर देते हुए कहा कि जो लोग पूजा-अर्चना के बावजूद महिलाओं का सम्मान नहीं करते, उनका आचरण पाखंडपूर्ण है। डॉ. नरेश चन्द्र शुक्ल ने डॉ. सन्तोष पाण्डेय को प्रदेश का अग्रणी साहित्यकार बताया और उनकी कृतियों ‘मृत्यु और मोक्ष’, ‘मरघट’ तथा ‘गुरुदेव गाथा’ की सराहना की। इस कार्यक्रम में डॉ. (श्रीमती) शीला पाण्डेय, डॉ. एस.के. सिंह, मदनमोहन पाण्डेय और राजकुमार सिंह सोमवंशी ‘प्रखर’ सहित कई अन्य साहित्यकारों ने भी अपने विचार साझा किए। एकल काव्य पाठ में डॉ. सन्तोष पाण्डेय ने अपनी कविताएं प्रस्तुत कीं। कार्यक्रम का संचालन डॉ. शीला पाण्डेय ने किया। अंत में, होली मिलन समारोह के तहत अबीर-गुलाल लगाकर एक-दूसरे का स्वागत किया गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगीत के साथ हुआ।

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