सुलतानपुर के चर्चित डॉक्टर घनश्याम तिवारी हत्याकांड में मंगलवार को फैसला सुनाया गया। अपर जिला जज (एडीजे) संध्या चौधरी ने मुख्य अभियुक्त अजय नारायण सिंह और सह-अभियुक्त दीपक सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने उन पर कुल ₹1.90 लाख का अर्थदंड भी लगाया है। यह धनराशि मृतक डॉक्टर की पत्नी और वादी मुकदमा निशा तिवारी को दी जाएगी। यह मामला 23 सितंबर 2023 का है। लंभुआ के सखौली कला गांव निवासी डॉ. घनश्याम तिवारी की कोतवाली नगर के नरायनपुर गांव में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। उनकी पत्नी निशा तिवारी ने इस संबंध में स्थानीय कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने इस मामले में नरायनपुर गांव के अजय नारायण सिंह, उनके पिता जगदीश नारायण सिंह, चचेरे भाई विजय नारायण सिंह और मायंग गांव के ड्राइवर दीपक सिंह के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। हालांकि, सुनवाई के दौरान आरोपी जगदीश नारायण सिंह और विजय नारायण सिंह का निधन हो गया था। इसके बाद मुकदमा अजय नारायण सिंह और दीपक सिंह के खिलाफ चला। अदालत ने बीते बुधवार को दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया था और मंगलवार को सजा की तारीख तय की थी। मंगलवार को दोनों दोषियों को जेल से कोर्ट लाया गया। अजय नारायण सिंह पर ₹1.20 लाख और दीपक सिंह पर ₹70 हजार का अर्थदंड लगाया गया है। यह कुल ₹1.90 लाख की धनराशि पीड़ित परिवार को मिलेगी। अभियोजन पक्ष की ओर से डीजीसी क्रिमिनल राम अचल मिश्र की निगरानी में वादी मुकदमा निशा तिवारी के अधिवक्ता संतोष पांडेय और एडीजीसी क्रिमिनल पवन दुबे ने पैरवी की। शासकीय अधिवक्ता पवन कुमार दूबे ने न्यायालय के फैसले पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिला है।

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