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डीजीपी बोले, आकिब के लिए जारी होगा लुक आउट नोटिस:नए प्रयोग से सड़क हादसों में आई कमी, अब फोकस जाम से निजात दिलाने पर
उत्तर प्रदेश के डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा है कि लखनऊ से पकड़े गए चार संदिग्ध आतंकियों के किसी भी साथी को बख्शा नहीं जाएगा। दुबई में बैठे साकिब के भाई आकिब को पकड़ने के लिए लुक आउट नोटिस जारी होगा। आकिब ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर बीते साल एके 47 के साथ अपनी तस्वीर साझा की थी, इस मामले में पुलिस ने मुकदमा भी दर्ज किया था, लेकिन बाद में एके 47 को खिलौना बताकर छोड़ दिया था। आकिब मौजूदा समय में दुबई में है। अब इस मामले में डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा है कि इस मामले से जुड़े हुए हर व्यक्ति कानून के तहत सजा दिलाई जाएगी। उन्होंने यूपी एटीएस की तारीफ करते हुए कहा कि एटीएस ने एक बड़ा नेटवर्क पकड़ा है। साथ ही जो भी इस मामले में शामिल होगा उसको चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी। डीजीपी राजीव कृष्ण मंगलवार को डीजीपी मुख्यालय पर एक प्रेस कांफ्रेंस कर रहे थे। ये प्रेस कांफ्रेंस यातायात की समस्या से निपटने के लिए लेकर लागू किए जा रहे प्रयोग और सड़क हादसों को रोकने के लिए किए गए प्रयोग से मिली सफलता को बताने के लिए आयोजित की गई थी। ZFD अभियान से हादसों में आई कमी डीजीपी ने बताया कि प्रदेश भर में सड़क हादसों और उससे होने वाली मौत की संख्या को कम करने के लिए जीरो फैटलिटी डिस्ट्रिक्ट (ZFD) अभियान चलाया गया था। इसके तहत प्रदेश के 1607 थानों में 487 ऐसे थानों को चिन्हित किया गया था जहां पूरे प्रदेश के आधे से अधिक हादसे हर साल होते हैं। इसमें टीमें बनाकर हादसे रोकने की की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके अच्छे नतीजे भी सामने आए। पिछले साल की तुलना में इस साल यहां हादसे कम हुए। मसलन उत्तर प्रदेश में साल 2025 में 1 जनवरी से 31 मार्च तक तक 6813 सड़क हादसे हुए। इसमें 3861 लोगों की मौत हुई और 5381 लोग घायल हुए। इस अभियान को चलाए जाने के बाद इसमें कमी आई। आंकड़ों पर गौर करें तो इस अवधि में 2026 में हादसों की संख्या 6307 रही, इन हादसों में मरने वालों की संख्या 3415 और घायलों की संख्या 4890 रही है। यानी पहले तीन महीने में ही हादसों में मरने वालों की संख्या पिछले साल के मुकाबले 446 कम हो गईं। 75 फीसदी जिलों में मरने वालों की संख्या में आई गिरावट डीजीपी ने बताया कि प्रदेश की कुल 88 इकाइयों जिसमें 68 जिले और 7 पुलिस कमिश्नरेट के 20 जोन शामिल हैं, में से 56 इकाइयां अब ग्रीन जोन में आ गई हैं, जहां दुर्घटनाएं घटीं या स्थिर रहीं। मृतकों की संख्या में तो 66 इकाइयां ग्रीन जोन में पहुंच गईं। सात पुलिस कमिश्नरेटों में से 5 में दुर्घटनाएं और मौतें घटीं हैं। डीजीपी ने कहा कि ओवरस्पीडिंग, शराब पीकर ड्राइविंग, स्टंट बाइकिंग, शोर प्रदूषण और प्रदूषित वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो रही है।
Source: Dainik Bhaskar via DNI News

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