लखीमपुर में कोर्ट ने डिक्री धनराशि की वसूली के लिए उपजिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत), जिलाधिकारी-जिला निर्वाचन अधिकारी और उत्तर प्रदेश सरकार के नाम से संचालित सभी खातों (वेतन व पेंशन खातों को छोड़कर) को कुर्क करने का निर्देश दिया है। यह आदेश इजराय वाद की सुनवाई के दौरान प्रार्थना पत्र 95 ग-2 को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए जारी किया गया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि जब तक निर्णीत ऋणीगण डिक्री के तहत देय धनराशि का भुगतान डिक्रीदार को नहीं कर देते, या भुगतान की संतुष्टि के लिए कोई अन्य संपत्ति अथवा खाता उपलब्ध नहीं कराते, तब तक उनकी संपत्तियों पर कुर्की की कार्रवाई जारी रहेगी। कुर्की परवाना आदेश 21 नियम 46 सीपीसी के अंतर्गत वरिष्ठ कोषाधिकारी, जिला कोषागार लखीमपुर-खीरी को जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। वरिष्ठ कोषाधिकारी को की गई कार्रवाई से तत्काल न्यायालय को अवगत कराने को भी कहा गया है। इससे पहले, डिस्ट्रिक्ट ई-गवर्नेंस सोसाइटी (लोकवाणी सोसाइटी) ने आपत्ति 129 ग-2 दाखिल की थी। सोसाइटी ने तर्क दिया था कि भारतीय स्टेट बैंक, मुख्य शाखा लखीमपुर-खीरी में संचालित खाता संख्या 32992176411 उनकी संस्था का है। यह खाता सोसाइटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट 1860 के तहत पंजीकृत संस्था की संपत्ति है, न कि निर्णीत ऋणी की। इसलिए, सोसाइटी ने उक्त खाते को कुर्की से मुक्त करने की मांग की थी। इस मामले की अगली सुनवाई के लिए पत्रावली 03 अप्रैल 2026 को न्यायालय में पेश की जाएगी।

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