सुल्तानपुर में ‘टीबी मुक्त भारत’ 100 दिवसीय अभियान का शुभारंभ किया गया। विधान परिषद सदस्य शैलेन्द्र प्रताप सिंह की उपस्थिति में यह अभियान शुरू हुआ, जिसमें मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी और जिला क्षय रोग अधिकारी भी मौजूद रहे। जिला क्षय रोग अधिकारी ने बताया कि इस 100 दिवसीय अभियान के तहत जनपद में लगभग 4,50,000 उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की जाएगी। अभियान का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक टीबी मरीजों की पहचान करना, मृत्यु दर कम करना और नए मामलों को रोकना है। वर्तमान में जिले में 3170 टीबी मरीजों का इलाज चल रहा है। जिले में अब तक 1687 निक्षय मित्र बनाए गए हैं, जिन्होंने 2618 मरीजों को गोद लिया है। ये निक्षय मित्र टीबी मुक्त भारत बनाने में सक्रिय सहयोग दे रहे हैं। टीबी की बीमारी बाल और नाखून को छोड़कर शरीर के किसी भी हिस्से को प्रभावित कर सकती है। इसके सामान्य लक्षणों में दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, भूख न लगना, धीरे-धीरे वजन कम होना और कभी-कभी खांसी के साथ खून आना शामिल हैं। टीबी मरीजों को इलाज के दौरान निक्षय पोषण योजना के तहत उनके खाते में प्रतिमाह 1000 रुपये हस्तांतरित किए जाते हैं। यह लाभ उपचार अवधि तक जारी रहता है। गतवर्ष 128 ग्रामसभाएं टीबी मुक्त घोषित की गईं। इस उपलब्धि के लिए सभी ग्राम पंचायतों के 15 ग्राम प्रधानों को प्रशस्ति पत्र और गांधी जी की प्रतिमा देकर सम्मानित किया गया। पहली बार टीबी मुक्त होने वाली ग्रामसभाओं को कांस्य प्रतिमा, लगातार दो बार टीबी मुक्त होने वाली ग्रामसभाओं को रजत प्रतिमा और लगातार तीन बार टीबी मुक्त होने वाली ग्रामसभाओं को स्वर्ण रंग की प्रतिमा के साथ प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। अभियान के तहत एक वैन को जिला पंचायत सदस्य और मुख्य विकास अधिकारी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों को अभियान की शपथ दिलाई गई, और सभी से टीबी मुक्त भारत बनाने में सहयोग करने का आह्वान किया गया।

Leave a Reply