झांसी में 7 दिन से लापता एक बुजुर्ग की लाश मिली है। 15 मार्च को वह बिना बताए घर से निकले थे। झांसी से सटे मध्य प्रदेश में हाइवे पार करते समय एक ट्रक ने रौंद दिया। घायल को पुलिस ने मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया था। जहां इलाज के दौरान 17 मार्च को उसकी मौत हो गई। तब से लाश मोर्चरी में रखी थी। इधर, बुजुर्ग के घर नहीं लौटने पर परिजन तलाश कर रहे थे। सुराग नहीं लगने पर शनिवार को थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। तब रात को नवाबाद पुलिस ने फोन कर घटना की जानकारी दी। परिजन रविवार सुबह झांसी पहुंचे तो मोर्चरी के अंदर शव मिला। यह देख परिजन रोने लगे। बिना बताए घर से निकल गए थे मृतक का नाम रामचरण (72) पुत्र कुंजे रायकवार था। वह मऊरानीपुर के कंचनपुरा गांव के रहने वाले थे। मृतक के बेटे रमेश चंद्र ने बताया- मेरे पिता रामचरण खेती किसानी करते थे। 15 मार्च को वह बिना बताए घर से निकल गए थे। रात तक घर नहीं लौटे तो तलाश शुरू की। आसपास के एरिया और रिश्तेदारी में तलाश किया, मगर पिता का कोई सुराग नहीं लगा। तब शनिवार सुबह थाने जाकर गुमशुदगी दर्ज कराई थी। शाम को नवाबाद थाने से फोन आया कि एक व्यक्ति की मौत हो गई। उनके पास रामचरण नाम का आधार कार्ड मिला है। रात होने के कारण नहीं जा पाए। आज सुबह हम लोग झांसी आए तो मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी में पिता की लाश रखी थी। एक्सीडेंट में मौत हो गई बेटे रमेश चंद्र ने आगे बताया- जब जांच पड़ताल की तो पता चला कि पिता दवा लेने के लिए बम्हौरी जा रहे थे। झांसी से सटे मध्य प्रदेश के उरदौरा-भिटौरा के बीच में हाइवे पार करते समय एक ट्रक ने उनको रौंद दिया। टेहरका पुलिस ने पिता को झांसी मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया था। जहां उनकी 17 मार्च को मौत हो गई थी। रामचरण के 4 बेटे हैं।

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