झांसी में बेटी की शादी से एक महीने पहले होमगार्ड पिता की मौत हो गई। वह ड्यूटी करने बबीना थाने में गए थे। वहां अचानक तबीयत बिगड़ गई। आनन फानन में होमगार्ड को सीएचसी लाया गया। जहां से मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। यहां इलाज के दौरान रविवार को होमगार्ड ने दम तोड़ दिया। होमगार्ड की पत्नी शादी के कार्ड बांटने और भात मांगने अपने मायके गई थी। घटना की जानकारी मिलने पर वह रोते बिलखते हुए अस्पताल पहुंच गई। यहां पति का शव देखकर वह बेहोश हो गई। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। अब पूरा मामला विस्तार से पढ़िए ड्यूटी करने थाने गए थे मृतक का नाम राकेश कुमार (48) पुत्र गोकल प्रसाद था। वह रक्सा थाना क्षेत्र के डिकौली गांव का रहने वाले थे। मृतक के साले संजीव कुमार ने बताया- मेरे बहनोई राकेश कुमार होमगार्ड थे। फिलहाल उनकी पोस्टिंग बबीना थाने में थी। रोजाना की तरह शनिवार को वह ड्यूटी पर गए थे। वहां अचानक घबराहट और सीने में दर्द होने लगा। तबीयत बिगड़ने पर पुलिस ने उनको बबीना सीएचसी पहुंचाया। जहां से उनको झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। यहां इलाज के दौरान राकेश की मौत हो गई। रविवार को पुलिस ने पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया। अगले महीने बेटी की शादी है राकेश की एक बेटी और दो बेटे हैं। बेटी प्रियंका की शादी मध्य प्रदेश में सेना के जवान से तय हो गई थी। 19 अप्रैल को शादी होनी है। इसलिए घर में खुशी का माहौल था। सभी लोग शादी की तैयारी में जुटे थे। गार्डन से लेकर सबकुछ बुक हो चुका था। निमंत्रण कार्ड भी छप चुके थे और बांटे जा रहे थे। शनिवार को ही पत्नी नीलम कार्ड बांटने और भात मांगने के लिए अपने मायके गई थी। घटना की सूचना मिलने पर वह मेडिकल कॉलेज पहुंच गई। पति की मौत के बाद पत्नी रो रोकर बेहोश हो गई। शादी वाले घर में मातम पसर गया। पूरे गांव में गमगीन माहौल है। राकेश का बड़ा बेटा अंकित प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा है, जबकि छोटा बेटा नीलेश 11वीं कक्षा पास करके 12वीं में आया है।

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