झांसी में मुस्लिम समुदाय ने सोमवार को सऊदी अरब सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सऊदी सरकार ऐसे कदम उठा रही है, जिससे मुसलमानों की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। कलेक्ट्रेट परिसर में सूफी असलम खान और शिया उलेमा मौलाना शान-ए-हैदर ज़ैदी के नेतृत्व में शिया और सुन्नी समुदाय के लोग बड़ी संख्या में एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने सऊदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और कई सवाल उठाए। इस मौके पर उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि सऊदी अरब में स्थित जन्नत-उल-बकी कब्रिस्तान में पैगम्बर मोहम्मद के परिवार के सदस्यों की कब्रों को सुरक्षित रखा जाए और फतिमा की कब्र के टूटे हुए हिस्से को पुनर्निर्मित कराया जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि सऊदी सरकार ऐसा नहीं करती है, तो उन्हें स्वयं वहां जाकर कब्र का पुनर्निर्माण करने की अनुमति दी जाए। 2 तस्वीरें देखिए… जन्नत-अल-बकी की मान्यता
जन्नत अल बकी, सऊदी अरब के मदीना शहर में मस्जिद-ए-नबवी के पास स्थित एक पवित्र कब्रिस्तान है। इसे इस्लाम में विशेष महत्व प्राप्त है क्योंकि यहां पैगम्बर मोहम्मद के परिवार और उनके साथियों को दफनाया गया माना जाता है। इसी कब्रिस्तान में पैगम्बर की बेटी फातिमा की कब्र भी मानी जाती है। दुनिया भर से मुस्लिम श्रद्धा भाव से यहां आते हैं। समय-समय पर कब्रिस्तान में संरचनाओं में बदलाव हुए हैं, जिन्हें लेकर अलग-अलग दौर में विवाद भी सामने आते रहे हैं।

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