झांसी में पुलिस कस्टडी से भागे आरोपी नदीम खान (19) का पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया। उसके पैर में गोली लगी है। मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। इससे पहले 16 मार्च को पुलिस ने उसे मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया था। उसने शहर में 2 चोरियां की थी। पुलिस मेडिकल जांच कराने जिला अस्पताल ले गई तो वहां से नदीम फरार हो गया था। 13 दिन से वह पुलिस को छका रहा था। रविवार अलसुबह पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी की तो आरोपी ने फायरिंग शुरू कर दी। काउंटर अटैक में उसके पैर में गोली लगी है। मुठभेड़ कोतवाली थाना क्षेत्र के नगरिया कुआं के पास हुई है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी की एसपी सिटी प्रीति सिंह ने बताया कि रविवार अलसुबह कोतवाली पुलिस और एसओजी टीम नगरिया कुंआ के पास चेकिंग कर रही थी। तभी मुखबिर ने सूचना दी कि पुलिस कस्टडी से भागा नदीम खान बिना नंबर की अपाचे बाइक से आने वाला है। थोड़ी देर बाद बिना नंबर की अपाचे बाइक से एक युवक आते हुए दिखाई दिया। तब पुलिस उने उसे रोकने की कोशिश की। मगर वह बाइक मोड़कर भागने लगा। इस पर पुलिस टीम ने पीछा किया। थोड़ी दूरी पर ही उसकी बाइक असंतुलित होकर गिर गई। इसके बाद वह पुलिस टीम पर तमंचा से फायरिंग करने लगा। काउंटर अटैक में नदीम के पैर में गोली लगी है। उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया है। उससे तमंचा, 3 खोखा और एक जिंदा कारतूस व बाइक बरामद हुई है। आरोपी नदीम पुत्र शकूर खान दतिया के हरदाैल का मोहल्ले का रहने वाला है। 18 दिन में 2 चोरियां कर चुके थे 22 फरवरी को पलक पैलेस के पास देव बिहार कॉलोनी में अशोकर सोनी और 12 मार्च को मेवातीपुरा मोहल्ला में ऊषा वर्मा के घरों में चोरी हुई थी। कोतवाली थाने में केस दर्ज हुए थे। पुलिस जांच में पता चला कि दोनों चोरी दतिया के हरदौल का मोहल्ला निवासी नदीम (19) पुत्र शकूर खान और ग्वालियर निवासी दीपक उर्फ संजय जाटव (31) पुत्र अमर सिंह व उनके एक साथी ने की है। इसके बाद से पुलिस टीम तीनाें की तलाश में जुटी थी। 16 मार्च को पुलिस मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने नदीम और दीपक को अरेस्ट कर लिया था। मेडिकल कराने के दौरान अस्पताल से भागा था नदीम 16 मार्च को पुलिसकर्मी मेडिकल जांच कराने के लिए दोनों आरोपियों को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। दाेनों को बाहर बैठाकर पुलिसकर्मी अंदर चले गए। शाम करीब 4 बजे जिला अस्पताल के मुख्य दरवाजे से नदीम लगड़ाते हुए बाहर निकला। मिनर्वा चौकी के पास खड़े ऑटो चालक अमित कुशवाहा से बात की। मां की तबीयत खराब बताकर उसे दतिया गेट बाहर तक चलने के लिए राजी कर लिया। 150 रुपए में ऑटो बुक हुआ। फिर कोतवाली के सामने से होता हुआ दतिया गेट की ओर निकला। यहां नरिया बाजार पर जाम लगा था। यह देख वह ऑटो से उतर गया। ऑटो चालक को 20 रुपए दिए और बोला आगे मिलेंगे। तब ऑटो चालक अमित 50 रुपए मांगने लगा। नदीम ने उसे 50 रुपए का नोट दिया। यहां से नरिया बाजार के अंदर गली में चला गया। उधर, अस्पताल से नदीम को गायब देख पुलिसकर्मी के होश उड़ गए। उसके दोस्त संजय ने नदीम के भागने की बात बताई। आनन-फानन में पुलिस उसकी तलाश में जुट गई थी। लापरवाही बरतने के आरोप में अभिरक्षा में तैनात मयंक गुप्ता एवं ज्ञानेंद्र को सस्पेंड किया गया था।

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