झांसी–बीना तीसरी लाइन परियोजना के तहत जाखलौन से धौर्रा के बीच रेलवे ने बड़ा काम पूरा किया है। इस रेलखंड पर 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाकर सफल ट्रायल किया गया। रेल संरक्षा आयुक्त प्रणजीव सक्सेना की निगरानी में पूरे ट्रैक का निरीक्षण किया गया। इस दौरान स्टेशन, ट्रैक, सिग्नल सिस्टम, लेवल क्रॉसिंग गेट और अन्य जरूरी जगहों को बारीकी से देखा गया। अधिकारियों ने सुरक्षा और बेहतर संचालन के लिए जरूरी निर्देश भी दिए।
करीब 12 किलोमीटर लंबे इस रेलखंड का काम सिर्फ 6 महीने में पूरा किया गया, जो काफी तेज माना जा रहा है। निर्माण के दौरान आसपास की ऐतिहासिक और धार्मिक जगहों का भी खास ध्यान रखा गया। बिलमोरी (चांदपुर) के प्राचीन बेलमणि जैन मंदिर को सुरक्षित रखने के लिए खास तकनीक का इस्तेमाल किया गया, जिससे कंपन कम हो और मंदिर को कोई नुकसान न पहुंचे।
इस काम के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण से अनुमति ली गई और उनके सभी नियमों का पालन किया गया। निरीक्षण के समय वैज्ञानिक डॉ. नसीम अख्तर भी मौजूद रहे।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस रेलखंड के शुरू होने के बाद हेतमपुर से बीना तक तीसरी लाइन का काम पूरा हो जाएगा। इससे इस रूट पर ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी, ट्रेनें तेज चलेंगी और यात्रियों को ज्यादा सुविधा मिलेगी। माल ढुलाई भी आसान हो जाएगी। इस मौके पर रेलवे के कई बड़े अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

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