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झांसी में दरोगा की परीक्षा देने गए 23 सिपाही सस्पेंड:बीमारी का बहाना बनाकर छुट्‌टी ली; जांच में खुली पोल

झांसी में दरोगा भर्ती परीक्षा देने गए 23 सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया गया है। इन सभी ने बीमारी का बहाना बनाकर छुट्टी ली और परीक्षा देने पहुंच गए। छुट्टी के बाद वापस आकर ड्यूटी जॉइन की। विभाग ने आंतरिक जांच कराई तो पोल खुल गई। SSP बीबी जीटीएस मूर्ति ने 19 मार्च को कार्रवाई की, लेकिन सोमवार को मामला सामने आया। SSP ने बिना इजाजत लिए और झूठ बोलकर गलत तरीके से छुट्टी लेने को अनुशासनहीनता माना है। उन्होंने विभागीय जांच के भी आदेश दे दिए हैं। बता दें कि 14 और 15 मार्च को यूपी पुलिस में दरोगा के 4,543 पदों के लिए लिखित परीक्षा हुई थी। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPBB) ने प्रदेश के सभी 75 जिलों में 1090 सेंटर बनाए थे। कुल 15.75 लाख अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। इनमें 11.66 लाख पुरुष और 4.09 लाख महिला कैंडिडेट शामिल हुए थे। एक महीने पहले से ही छुट्‌टी, तय समय पर लौटे नहीं पुलिस सूत्रों के मुताबिक, परीक्षा देने के लिए ज्यादातर सिपाहियों ने एक महीने पहले ही छुट्टी ले ली। किसी ने 2 तो किसी ने 3 या 4 दिन की छुट्‌टी ली। सभी को तय समय पर लौटना था। मगर कोई लौटकर नहीं आया। एक महीने से ज्यादा समय तक ड्यूटी से गैर हाजिर हो गए। विभाग ने गोपनीय जांच कराई तो पता चला कि 23 सिपाहियों ने परीक्षा देने के लिए छुट्‌टी ली थी। ‘परीक्षा देने के लिए अनुमति इजाजत लेना जरूरी’
यूपी पूर्व DGP सुलखान सिंह के बताया- परीक्षा फॉर्म भरने के लिए इजाजत जरूरी नहीं होती, लेकिन परीक्षा देने के लिए अनुमति ली जाती है। इसके लिए ली जाने वाली छुट्‌टी संबंधित पुलिसकर्मियों को साल भर में मिलने वाली छुट्‌टी से कटती है। अगर किसी ने झूठ बोल कर छुट्‌टी ली है तो उसे अनुशासनहीनता माना जाता है। विभागीय जांच होती है। उन्होंने बताया कि जांच में दोषी पाए जाने पर कैरेक्टर रोल में बैड इंट्री दर्ज की जाती है। यानी संबंधित पुलिसकर्मी की सर्विस बुक में निगेटिव पॉइंट जुड़ जाता है। सजा के तौर पर पुलिसकर्मी को तीन साल तक प्रमोशन नहीं मिल सकता। उसे कोई अहम जिम्मेदारी नहीं दी जा सकती। अगर सिपाही है, तो उसे थाने के बजाय पुलिस लाइन में ही तैनात रखा जाता है। किस-किस पर कार्रवाई हुई, तैनाती कहां थी? SSP बोले-सभी के खिलाफ होगी विभागीय जांच SSP बीबी जीटीएस मूर्ति का कहना है- बिना बताए ड्यूटी से गैर हाजिर होने वाले 23 सिपाहियों को सस्पेंड किया गया है। ये छुट्टी लेकर गए थे और फिर बिना सूचना दिए गैर हाजिर हो गए। इसलिए कार्रवाई करते हुए विभागीय जांच शुरू की गई है। जो सिपाही 30 दिन से अधिक समय से गैर हाजिर था, उनको सस्पेंड किया है। परीक्षा का कोई लेना देना नहीं है। ——————— ये खबर भी पढ़ें… मैनपुरी में देवर ने भाभी को मार डाला, लूडो खेलते समय चिकोटी काटी, धमकी दी तो गला दबाया मैनपुरी में चचेरे देवर ने भाभी की हत्या कर दी। देवर-भाभी साथ बैठकर लूडो खेल रहे थे। इसी दौरान देवर ने भाभी को चिकोटी काट ली। इस पर भाभी ने विरोध किया और पति को बताने की धमकी दी। गुस्से में देवर ने भाभी का गला दबा दिया। इसके बाद देवर भाभी के मोबाइल का सिम निकालकर भाग गया। पति ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया था। वारदात 10 मार्च की है। पुलिस सिम की लोकेशन ट्रेस करते हुए देवर तक पहुंच गई। सोमवार (23 मार्च) तो पुलिस ने देवर को गिरफ्तार कर लिया। मामला कुर्रा थाना क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर…

Source: Dainik Bhaskar via DNI News (Prayagraj)

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