झांसी में यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए मंडलायुक्त बिमल कुमार दुबे खुद सड़कों पर उतर आए। उन्होंने शहर के अलग-अलग हिस्सों का निरीक्षण किया और मौके से ही संबंधित अधिकारियों को फोन कर व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में पहले ही तय किया गया था कि शहर के किसी भी चौराहे पर एक मिनट के लिए भी जाम न लगे। इसी को ध्यान में रखते हुए बुधवार को कमिश्नर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ झांसी–कानपुर बाईपास पहुंचे, जहां बन रहे ओवरब्रिज के निर्माण कार्य की प्रगति देखी। उन्होंने अधिकारियों को समयसीमा के भीतर काम पूरा करने के सख्त निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मेडिकल कॉलेज के सामने लगने वाले जाम को लेकर कमिश्नर नाराज नजर आए। उन्होंने सड़क किनारे ठेले और खोमचे लगाने वालों को चेतावनी दी कि सड़क पर अतिक्रमण न करें, वरना कार्रवाई की जाएगी। आगे ओरछा रोड पर निरीक्षण के दौरान एक बड़ी खामी सामने आई। यहां सड़क पर ही जल संस्थान के टर्मिनल बने हुए मिले, जिससे यातायात प्रभावित हो रहा था। इस पर कमिश्नर ने मौके से ही जल संस्थान के अधिकारियों को फोन कर नाराजगी जताई और निर्देश दिए कि इन टर्मिनलों को सड़क किनारे शिफ्ट किया जाए।
साथ ही उन्होंने सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण करने वालों को सख्त हिदायत दी कि अगले दिन से सड़क पर ठेले लगाकर यातायात बाधित न करें। पहले से स्थिति में हुआ सुधार महानगर में आए दिन लगने वाले जाम से निपटने के लिए प्रशासन ने कई प्रयास किए, लेकिन अधिकांश चौराहों पर समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी। जाम को लेकर सदर विधायक रवि शर्मा ने अल्टीमेटम भी दिया, जिसके बाद हालात में कुछ सुधार देखने को मिला। मंडलायुक्त बिमल कुमार दुबे का कहना है कि जाम की समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए सभी विभाग मिलकर गंभीरता से काम कर रहे हैं।

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