जौनपुर जिले में 42 हजार से अधिक राशन कार्ड धारक जांच के दायरे में हैं। इन पर आयकरदाता होने के बावजूद राशन कार्ड बनवाने का आरोप है। हाल ही में पांच एकड़ से अधिक भूमि वाले 446 राशन कार्ड रद्द किए गए हैं। राशन कार्ड के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में वार्षिक आय सीमा दो लाख रुपये और शहरी क्षेत्रों में तीन लाख रुपये निर्धारित है। इसके अतिरिक्त, चार पहिया वाहन या पांच एकड़ से अधिक भूमि वाले व्यक्ति राशन कार्ड के पात्र नहीं होते हैं। आरोप है कि कई उच्च आय वर्ग के लोगों ने गलत जानकारी देकर राशन कार्ड बनवाए हैं। जांच के दायरे में आए कुल 42,243 राशन कार्ड धारकों में से 36,072 ग्रामीण क्षेत्रों से और 6,162 नगरीय क्षेत्रों से संबंधित हैं। आयकरदाताओं की यह संभावित सूची भारत सरकार द्वारा जारी की गई है। वर्तमान में जिले में कुल 8 लाख 33 हजार 710 राशन कार्ड धारक हैं। इनमें 1 लाख 25 हजार 472 अंत्योदय कार्डधारक और 7 लाख 8 हजार 238 पात्र गृहस्थी कार्डधारक शामिल हैं। जिला आपूर्ति अधिकारी (डीएसओ) संतोष विक्रम शाही ने बताया कि ऑनलाइन प्रक्रिया के कारण अब जांच आसान हो गई है। उन्होंने पुष्टि की कि गलत जानकारी देकर राशन कार्ड बनवाने वालों के कार्ड रद्द किए जा रहे हैं। हाल ही में 446 कार्ड रद्द किए गए हैं और आयकर श्रेणी में आने वाले धारकों की जांच अंतिम चरण में है।

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