जौनपुर में भूमि विवादों को कम करने के लिए राजस्व विभाग ने एक बड़ी पहल की है। जिले के गांवों की सरहदों पर 4,109 सीमा स्तंभ स्थापित किए गए हैं। यह कदम वर्षों से उखड़े पड़े सीमा पत्थरों को दोबारा लगाने की प्रक्रिया का हिस्सा है, जिससे जमीन संबंधी झगड़ों को सुलझाने में मदद मिलेगी। राजस्व विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, जिले में कुल 6,269 सीमा स्तंभ दर्ज थे। इनमें से अधिकांश समय के साथ उखड़ गए थे, जिससे भूमि की पैमाइश में दिक्कतें आ रही थीं और विवाद बढ़ रहे थे। भूमि विवादों के समाधान के लिए शासन स्तर से इन उखाड़े गए पत्थरों को दोबारा स्थापित करने के निर्देश दिए गए थे। इन निर्देशों के तहत, लेखपालों द्वारा सत्यापन के बाद 4,109 सरहदों पर नए स्तंभ लगाए जा चुके हैं। शेष बचे 2,089 स्तंभों का सत्यापन पूरा होने के बाद उन्हें भी जल्द ही स्थापित किया जाएगा। यह पूरी कवायद पिछले छह माह से चल रही थी। मुख्य राजस्व अधिकारी (CRO) अजय कुमार अम्बष्ट ने बताया कि उखाड़े गए सरहदी पत्थरों को दोबारा स्थापित करने की प्रक्रिया काफी समय से चल रही थी। शासन के निर्देशों के क्रम में इसे पूरा करा लिया गया है, और शेष कार्य भी जल्द ही पूर्ण कर लिया जाएगा। खेतों की पैमाइश के दौरान नाप-जोख के लिए ये सीमा स्तंभ अत्यंत आवश्यक होते हैं। राजस्व विभाग के कर्मी इन्हीं को आधार मानकर अपनी प्रक्रियाएं पूरी करते हैं। इन पत्थरों के उखड़े होने से पैमाइश में काफी दिक्कतें आती थीं। जिले में होने वाली मारपीट की घटनाओं में भूमि विवाद एक प्रमुख कारण है। इस पहल से जमीन संबंधी झगड़ों का समाधान निकलने की उम्मीद है। साथ ही, तहसीलों में लंबित भूमि पैमाइश के मामलों का निपटारा भी अब आसानी से हो सकेगा। इस कार्य को पूर्ण कराने में राजस्व कर्मियों को लगाया गया था और इसकी साप्ताहिक समीक्षा भी की जा रही थी।

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