जौनपुर में सड़क हादसों में कमी:जागरूकता से जनवरी-फरवरी में 22 मौतें कम हुईं, पिछले साल 85 की गई थी जान
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जौनपुर में सड़क हादसों में कमी:जागरूकता से जनवरी-फरवरी में 22 मौतें कम हुईं, पिछले साल 85 की गई थी जान
पूर्वांचल के कई जिलों में सड़क सुरक्षा जागरूकता का सकारात्मक प्रभाव देखा जा रहा है। यातायात नियमों के कड़ाई से पालन के कारण सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या में कमी आई है। जौनपुर जनपद इस मामले में सबसे आगे है, जहां पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष जनवरी और फरवरी में सड़क हादसों में 22 मौतें कम हुई हैं। जौनपुर में पिछले वर्ष जनवरी और फरवरी में सड़क हादसों में 85 लोगों की जान गई थी, जबकि इस वर्ष यह आंकड़ा घटकर 63 पर आ गया है। इस प्रकार, जौनपुर में 22 मौतों की कमी दर्ज की गई है। सोनभद्र में भी पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष 16 मौतें कम हुई हैं। हालांकि, भदोही और बलिया में दो-दो मौतें अधिक दर्ज की गई हैं। जनवरी और फरवरी के आंकड़ों के अनुसार, जौनपुर, आजमगढ़, गाजीपुर, सोनभद्र और मऊ जैसे जनपदों में सड़क हादसों और घायलों की संख्या में कमी आई है। इसके विपरीत, वाराणसी, बलिया और भदोही जैसे जिलों में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि चंदौली में मृतकों की संख्या में 12 की वृद्धि हुई है। जौनपुर में सड़क सुरक्षा की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए सात क्रिटिकल कॉरिडोर और 102 क्रैश प्रोन स्थलों की पहचान की गई है। जिलाधिकारी ने इन संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की है। एआरटीओ सत्येंद्र कुमार ने बताया कि यातायात नियमों का पालन कर सड़क हादसों को रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि जागरूकता और सख्ती के कारण पिछले वर्ष की तुलना में सड़क हादसों में कम लोगों की जान गई है। ट्रैफिक पुलिस के सहयोग से हादसों में कमी लाने के प्रयास लगातार जारी हैं।
Source: Dainik Bhaskar via DNI News
