हरदोई में पर्यावरण संरक्षण और पोषण सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए “विकसित भारत जी राम जी योजना” के तहत फूड फॉरेस्ट विकसित किए जाएंगे। इस पहल के अंतर्गत जिले के प्रत्येक ब्लॉक और तहसील स्तर पर फलदार पौधों से युक्त हरित क्षेत्र तैयार किया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को पौष्टिक फल उपलब्ध हो सकेंगे। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) सान्या छाबड़ा ने बताया कि योजना के तहत जनपद के 19 विकास खंडों में प्रत्येक में दो-दो फूड फॉरेस्ट स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही, जिले की पांचों तहसीलों में एक-एक फूड फॉरेस्ट विकसित किया जाएगा। सीडीओ ने यह भी बताया कि इन फूड फॉरेस्ट के लिए उपयुक्त भूमि की तलाश का कार्य तेजी से जारी है। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सरकारी या अन्य उपलब्ध भूमि का चयन कर शीघ्र प्रस्ताव प्रस्तुत करें, ताकि योजना का क्रियान्वयन समयबद्ध तरीके से शुरू किया जा सके। इन फूड फॉरेस्ट में आम, अमरूद, आंवला और नींबू सहित विभिन्न प्रकार के फलदार पौधे लगाए जाएंगे। पौधों की सुरक्षा के लिए बाड़बंदी (फेंसिंग) की व्यवस्था की जाएगी, ताकि उन्हें पशुओं से होने वाले नुकसान से बचाया जा सके। साथ ही, पौधों के बेहतर विकास के लिए सिंचाई की समुचित व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। सीडीओ ने कहा कि यह योजना न केवल हरियाली बढ़ाने में सहायक होगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण स्तर सुधारने और लोगों को प्राकृतिक खाद्य संसाधन उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह पहल जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने और स्थानीय जैव विविधता को संरक्षित करने की दिशा में भी एक अहम कदम होगा। प्रशासन की इस पहल से जनपद में हरित आवरण बढ़ने के साथ-साथ लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी बढ़ने की उम्मीद है।

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