कौशांबी में जिस पत्नी की हत्या और शव गायब करने के आरोप में पति एक महीने से जेल में रहा, वो अब जिंदा मिली है। पत्नी का अपने मौसेरे भाई के साथ अफेयर था। वह उसी के साथ हरियाणा भाग गई थी। मंगलवार को एसपी राजेश कुमार ने मीडिया को बताया कि महिला को हरियाणा से लाया गया है। पुलिस ने पति को जेल से रिहा कर दिया है। लड़की के पिता समेत 4 लोगों पर केस दर्ज किया है। मामला महेवाघाट थाना क्षेत्र के अलवारा गांव का है। अब विस्तार से पढ़िए मामला…… 10 साल पहले हुई थी शादी अलवारा गांव निवासी योगेंद्र तिवारी ने बताया, 2016 में बेटे राजू तिवारी की शादी अंकिता से की थी। अंकिता सदर कोतवाली क्षेत्र के टेवां गांव की रहने वाली है। उन्होंने कहा, शादी के बाद से ही बहू का व्यवहार ठीक नहीं था। वह ज्यादातर समय अपने मायके में ही रहती थी। 2024 में बहू अंकिता अपने मौसी के बेटे रामू उर्फ संकल्प मिश्रा के साथ बिना बताए दिल्ली चली गई। संकल्प फतेहपुर का रहने वाला है। बात रिश्तेदारी में उठी तो पंचायत की गई। पंचायत के फैसले के बाद अंकिता घर आकर रहने लगी और उसने दोबारा संकल्प के साथ कोई संबंध न रखने का वादा किया था। लेकिन, उसके व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया। घर वालों से झगड़ा करती, पूरे टाइम पर फोन पर बात करती रहती थी। मायके वालों से इस बारे में बात की गई तो वो लोग अपनी मजबूरी बताकर मामले को टाल देते थे। जनवरी में बहू भागी, फरवरी में मायके वालों ने हत्या का आरोप लगाया
ससुर योगेंद्र तिवारी ने बताया- 21 जनवरी, 2026 को दोबारा बहू बिना बताए घर से चली गई। इस बार वह अपने साथ जेवर और नकदी भी ले गई। बहू के मायके वालों की सहमति पर बेटे ने 22 जनवरी को गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस बहू की खोजबीन कर रही थी। अचानक मायके पक्ष ने साजिश करते हुए 20 फरवरी, 2026 को ससुर योगेंद्र तिवारी, पति राजू तिवारी, बेटी और अन्य ससुराल वालों के खिलाफ अंकिता की हत्या कर शव गायब करने का गंभीर आरोप लगाया और केस करा दिया। योगेंद्र कहते हैं- हम लोगों का कोई दोष नहीं था, इसलिए गिरफ्तारी के डर से पूरा परिवार घर में तालाबंद करके भागता रहा। पति ने सात दिन बाद कोर्ट में सरेंडर किया
पुलिस के दबाव पर राजू तिवारी ने 27 फरवरी को कोर्ट में सरेंडर कर दिया, और तब से वह जेल में रहा। योगेंद्र ने कहा, अब बहू हरियाणा में अपने प्रेमी रामू मिश्रा के साथ किराए के घर से बरामद हुई है। महीने भर हमारा परिवार भागा-भागा घूमता रहा और बहू और उसके मायके वाले साजिश करते रहे। कोर्ट ने रिहा करने का आदेश दिया
योगेंद्र तिवारी ने महेवाघाट थाने में अंकिता के पिता शारदा प्रसाद मिश्रा, उसके भाई गोपाल मिश्रा, मौसेरे भाई रामू उर्फ संकल्प मिश्रा और सैनी के रामपुर धमावां निवासी रिश्तेदार वरुण त्रिपाठी के खिलाफ शिकायत दी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी शारदा और उसके बेटे गोपाल मिश्रा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। कोर्ट ने राजू तिवारी को जेल से रिहा करने का आदेश दिया है। अब एसपी ने जो बताया, वो जानिए… 4 दिन पुलिस ने नजर रखी, तक दबोचा
एसपी कौशांबी राजेश कुमार ने बताया, महिला के लापता होने की झूठी सूचना पुलिस को दी गई। पति ने खुद से कोर्ट में सरेंडर कर दिया था, लेकिन पुलिस मामले की जांच में लगी हुई थी। महिला पहले भी एक लड़के के साथ जा चुकी थी, इसलिए पुलिस ने उस लड़के की लोकेशन ट्रेस की। लड़के की लोकेशन गुड़गांव के मानेसर में मिली। कौशांबी पुलिस वहां पहुंची और 4 दिनों तक उस पर नजर रखी गई। सोमवार को पुलिस ने उस घर में पहुंची, जहां महिला दूसरे युवक के साथ रह रही थी। पुलिस के पहुंचते ही महिला ने पहले तो कोई जवाब नहीं दिया। लेकिन बाद में कहा कि वह अपनी मर्जी से यहां रह रही है। इसके बाद पुलिस दोनों को कौशांबी लेकर आई। मायके वालों ने सच्चाई छिपाई, झूठा केस कराया
अंकिता के मायके पक्ष के लोगों ने सच्चाई छिपाई। साथ ही गंभीर मामले की झूठी शिकायत देकर बेकसूर परिवार को फंसाया था। इसलिए महिला के पिता समेत 4 लोगों पर FIR दर्ज की गई है। महिला को बरामद करने के बाद कोर्ट में बयान और मेडिकल परीक्षण की कार्रवाई कराई जा रही है। घटना के आरोपी पिता-पुत्र को अरेस्ट कर लिया गया है। ————————- यह खबर भी पढ़ें…. गाजियाबाद में पत्नी और उसके बॉयफ्रेंड की हत्या की:पति ने कॉल करके घर बुलाया, दोनों की लाश कमरे में छोड़कर भागा गाजियाबाद में अफेयर से नाराज पति ने पत्नी और उसके बॉयफ्रेंड की गोली मारकर हत्या कर दी। सोमवार रात करीब 12 बजे वारदात के बाद आरोपी कमरे में दोनों की लाश छोड़कर फरार हो गया। पड़ोसियों की सूचना पर गाजियाबाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अंदर गई तो कमरे में पत्नी शबनम (36) की लाश फर्श पर पड़ी थी। थोड़ी दूरी पर बॉयफ्रेंड फहीम (32) खून से लथपथ पड़ा था। पढ़ें पूरी खबर…

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