जालौन में विश्व क्षय रोग दिवस पर राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। विकास भवन स्थित रानी लक्ष्मीबाई सभागार में हुए इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने टीबी उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी ने प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जनपद की टीबी मुक्त घोषित ग्राम पंचायतों के प्रधानों को सम्मानित किया। इस अवसर पर 25 टीबी रोगियों को पोषण पोटली भी वितरित की गई, जिससे उनके स्वास्थ्य सुधार में सहायता मिलेगी। विधायक विनोद चतुर्वेदी ने ग्राम प्रधानों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में टीबी मुक्त अभियान को जनआंदोलन का रूप दें और अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करें। उन्होंने “टीबी हारेगा, देश जीतेगा” के संकल्प को दोहराते हुए इसे सामूहिक जिम्मेदारी बताया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीरेंद्र सिंह ने बताया कि जनपद में टीबी की जांच के लिए सीबी-नेट, ट्रू-नेट मशीनों और माइक्रोस्कोपी केंद्रों जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि वर्ष 2025 में जनपद की 56 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया था, जिनमें से 3 को गोल्ड, 7 को सिल्वर और 46 को कांस्य पदक मिला था। डॉ. सिंह ने बताया कि 24 मार्च 2026 से 100 दिवसीय सघन टीबी मुक्त भारत अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत जनपद की लगभग 3.15 लाख उच्च जोखिम वाली आबादी की स्क्रीनिंग की जाएगी। संदिग्ध मरीजों की एक्स-रे और NAAT मशीन से जांच कर टीबी की पुष्टि होने पर तत्काल उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। सीएमओ ने जनपदवासियों से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक खांसी, बुखार, वजन में कमी या लगातार कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराएं। उन्होंने जोर दिया कि समय पर पहचान, पूर्ण उपचार और जनजागरूकता ही टीबी उन्मूलन का सबसे प्रभावी उपाय है। इस कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) प्रेमचंद मौर्य, एसीएमओ, विभिन्न ग्राम प्रधानों सहित संबंधित अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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