जालौन में डीजल-पेट्रोल खत्म होने की अफवाहों के बीच प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय और पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने कोंच और उरई क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक पेट्रोल पंपों का औचक निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कई पेट्रोल पंपों पर डीजल की कमी पाई गई, जबकि एक स्थान पर पर्याप्त स्टॉक होने के बावजूद बिक्री बंद मिली। इस पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित संचालक के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। जांच की शुरुआत कोंच नगर के नायरा पेट्रोल पंप से हुई, जहां पेट्रोल तो उपलब्ध था, लेकिन डीजल नहीं मिलने से उपभोक्ताओं को वापस लौटना पड़ा। किसानों ने जिलाधिकारी को बताया कि डीजल की कमी से मूंग की बुवाई और चना, मटर व मसूर की कटाई प्रभावित हो रही है। इस पर डीएम ने भरोसा दिलाया कि जल्द ही आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी। इसके बाद प्रशासनिक टीम ने नदीगांव रोड स्थित नासिर खान पेट्रोल पंप, सती लेना रोड के इंडियन ऑयल और एचपी पंप का निरीक्षण किया, जहां भी डीजल उपलब्ध नहीं मिला। वहीं कोंच के नारायण फिलिंग सेंटर पर करीब 6000 लीटर डीजल स्टॉक में होने के बावजूद बिक्री नहीं की जा रही थी, जिस पर प्रशासन ने सख्ती दिखाई। जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि कोंच क्षेत्र में डीजल की कमी का कारण अधिक खपत और टैंकरों की समय पर आपूर्ति न होना है। साथ ही कुछ लोगों द्वारा डीजल का भंडारण किए जाने की बात भी सामने आई है, जिसे अब खुलवाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ड्रम में डीजल देने पर रोक इसलिए लगाई गई है ताकि सभी उपभोक्ताओं को समान रूप से ईंधन मिल सके। प्रशासन के अनुसार, दोपहर 3 से 4 बजे के बीच आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद है और कंपनियों से लगातार समन्वय किया जा रहा है। अधिकारियों को सुबह से रात तक लगातार निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कहीं भी कृत्रिम संकट या कालाबाजारी न हो सके। अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत के अनुसार ही ईंधन लें। अनावश्यक भंडारण से बचें, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

Leave a Reply