जालौन जनपद में एलपीजी गैस की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कड़ा रुख अपनाया है। विकास भवन स्थित रानी लक्ष्मीबाई सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने गैस एजेंसियों और आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक उपभोक्ता तक समयबद्ध होम डिलीवरी सुनिश्चित की जाए। जिससे उपभोक्ताओं को एजेंसियों पर कतार में न लगना पड़े। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन की सतत निगरानी और तेल कंपनियों के समन्वय से गैस वितरण व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाए। उन्होंने बुकिंग से लेकर डिलीवरी तक की पूरी प्रक्रिया को सुचारु रखने और उपभोक्ता सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। सभी गैस एजेंसियों को अपने प्रतिष्ठानों पर आवश्यक जानकारी, परामर्श और जागरूकता संबंधी पंपलेट अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने तथा वैकल्पिक बुकिंग माध्यमों को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं। निगरानी व्यवस्था को मजबूत करते हुए जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों और क्षेत्राधिकारियों को गैस एजेंसियों के कार्यालयों और गोदामों का नियमित निरीक्षण करने तथा स्टॉक की दैनिक जांच सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने चेतावनी दी कि कालाबाजारी, जमाखोरी या गैस के डायवर्जन की शिकायत मिलने पर संबंधित के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने नगर मजिस्ट्रेट और क्षेत्राधिकारी को निर्देशित किया कि कोतवाली स्तर पर ठेला, गुमटी, खुमचा, होटल और ढाबा संचालकों के साथ बैठक कर उनकी ईंधन की जरूरतों का आकलन किया जाए। साथ ही, जहां अब भी कोयला और लकड़ी का उपयोग हो रहा है, वहां सुरक्षित और सुगम वैकल्पिक ईंधन उपलब्ध कराया जाए। वहीं, पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने सुरक्षा के मद्देनजर पेट्रोल पंपों और संबंधित प्रतिष्ठानों पर सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील भी की है। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) संजय कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी राजीव शुक्ला सहित तेल कंपनियों के प्रतिनिधि और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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